सरगुजा: अंबिकापुर के गंगापुर इलाके में प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित जमीन से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार को बुलडोजर चलाकर 37 अवैध मकानों को तोड़ा गया। कई लोग बुलडोजर के सामने खड़े हो गए और मकान न तोड़े जाने की अपील करने लगे। महिलाएं अपने घरों के बाहर रोती-बिलखती नजर आईं और अपने छोटे बच्चों का हवाला देकर घर बचाने की गुहार लगाती रहीं। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए पथराव भी किया।
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पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने हस्तक्षेप किया। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को हटाया, जिसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। इस दौरान कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन और प्रशासनिक टीम पर पथराव कर दिया, जिससे जेसीबी का शीशा टूट गया। प्रशासन के अनुसार, कब्जाधारियों को जमीन खाली करने के लिए पहले ही कई बार नोटिस दिया जा चुका था। करीब एक सप्ताह पहले अंतिम नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने जमीन खाली नहीं की।
अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
इस अभियान का नेतृत्व फागेश सिन्हा (एसडीएम) और उमेश बाज कर रहे थे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए अमोलक सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि इन कब्जाधारियों को साल 2000 में ही बेदखली का नोटिस दिया गया था। मामला कोर्ट में गया, जिसके बाद दोबारा सुनवाई हुई और 2025 में सभी कब्जाधारियों के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी, जिससे प्रशासन को कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
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प्रशासन ने कार्रवाई से पहले लोगों को अपना सामान निकालने के लिए समय दिया। इसके बाद ही मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। अंबिकापुर में अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। विरोध और तनाव के बीच आखिरकार प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन खाली कराई।

