हजारीबाग: झारखंड में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला हजारीबाग जिले से सामने आया है, जहां सदर के अंचल अधिकारी (CO) आशुतोष कुमार पर जमीन सुधार के एक मामले में 12 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में रांची के बुणडु निवासी शंकर जायसवाल ने मुफस्सिल थाना प्रभारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
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क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता शंकर जायसवाल के अनुसार, उन्होंने मौजा- चानो (थाना नं0- 149) स्थित अपनी 1 एकड़ 80 डिसमिल जमीन के सुधार के लिए 19 नवंबर 2025 को आवेदन दिया था। मामला पंजी-2 में प्लॉट संख्या ‘0’ दर्ज होने और उसे सुधार कर प्लॉट संख्या 452 चढ़ाने तथा L.P.C (भूमि कब्जा प्रमाण पत्र) निर्गत करने से जुड़ा था।
आरोप है कि 30 दिसंबर 2025 को सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार ने इस सुधार के बदले 12 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए अधिकारी को मैसेज कर इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई और 2 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन सीओ की ओर से इस पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।


72 डिसमिल जमीन ‘गायब’ होने का आरोप
शिकायत में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। शंकर जायसवाल का कहना है कि उनके पास जमीन की ओरिजिनल सेल डीड और सर्टिफाइड कॉपी है, जिसमें स्पष्ट रूप से 1 एकड़ 80 डिसमिल जमीन दर्ज है। पिछले 61 वर्षों से उस पर चहारदीवारी और कब्जा भी है। इसके बावजूद, सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर इसे 1 एकड़ 8 डिसमिल कर दिया गया। यानी सीधे तौर पर 72 डिसमिल जमीन कागजों से गायब कर दी गई।
मुकदमा दर्ज करने की मांग
पीड़ित ने मांग की है कि यदि अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार इस कटौती का वैध आधार और दस्तावेज पेश करने में विफल रहते हैं, तो उन पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उनके आवेदन पर तत्काल संज्ञान लिया जाए।
CO को भेजा लीगल नोटिस हो रहा वायरल

शिकायतकर्ता की ओर से झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने लीगल नोटिस भेजकर सदर सीओ से जमीन के हेरफेर को लेकर संबंधित कागजात के माध्यम से जानकारी देने की मांग की गई है। सीओ को भेजा गया लीगल नोटिस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और मामले में सियासी हलचल तेज हो गई है।
हजारीबाग में हाल के दिनों में जमीन घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर कई अधिकारियों पर गाज गिरी है। ऐसे में वर्तमान सीओ पर लगे ये आरोप जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।


