बिहार: पटना में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त यानी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महागठबंधन ने आक्रोश मार्च निकाला। इस मार्च में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कों पर काफी हंगामा देखने को मिला।
Highlights:
पांच लेयर में बैरिकेडिंग की व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी। वाटर कैनन भी तैयार रखा गया था और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस ने करीब पांच लेयर में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी।
तेजस्वी यादव और पुलिस के बीच झड़प
आक्रोश मार्च के दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर बैठ गए। इसके बाद वह आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान तेजस्वी यादव और पुलिस के बीच झड़प हो गई। बाद में पुलिस तेजस्वी यादव को लोकभवन लेकर गई। तेजस्वी यादव के अलावा उनकी बहन और सांसद मीसा भारती और VIP प्रमुख मुकेश सहनी को भी पुलिस लोकभवन लेकर गई। बताया गया कि वहां वे राज्यपाल से मुलाकात करने वाले थे।
मुकेश सहनी और आईपी गुप्ता ने लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी देखने को मिली। कुछ नेता SDPO की गाड़ी पर भी चढ़ गए। मुकेश सहनी और आईपी गुप्ता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि उनकी उंगली तोड़ दी गई, जबकि आईपी गुप्ता ने कहा कि उनके पेट में डंडा मारा गया।
चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहा है। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई वोटर्स के नाम प्रभावित हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर महागठबंधन के नेता आज एकजुट होकर सड़क पर उतरे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन ने चुनाव आयोग से इन आरोपों पर जवाब मांगा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वोटर्स से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग को स्थिति साफ करनी चाहिए।
फिलहाल तेजस्वी यादव, मीसा भारती और मुकेश सहनी समेत कुछ नेताओं को पुलिस लोकभवन लेकर गई है। अब सभी की नजर राज्यपाल से होने वाली मुलाकात पर है और देखना होगा कि इस दौरान किन मुद्दों पर बातचीत होती है।


