रांची: झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव व जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. सीआईडी ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में यह कार्रवाई की है. एल ख्यांग्ते से पूर्व में सीआईडी चार बार पूछताछ कर चुकी थी और आज जेपीएससी के तीन पूर्व सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया था. बता दें कि आज होने वाली पूछताछ से पहले ही रविवार को जेपीएससी के तीनों सदस्यों डॉ अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अख्तर ने इस्तीफा दे दिया था.
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21 जुलाई को दिया था इस्तीफा
एल. ख्यांग्ते ने पिछले महीने 21 जुलाई को जेपीएससी अध्यक्ष पद से उस समय इस्तीफा दे दिया था, जब सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत कई अन्य को हिरासत में लिया था. इसके बाद 23 जुलाई को सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष के सरकारी आवास में कई घंटों तक छापेमारी की थी. इसके बाद सीआईडी ने समन जारी कर पहले 28, फिर 29 जुलाई के बाद 31 जुलाई व 3 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया था.
टीडीपीएल कार्यालय में छापेमारी
जांच के दौरान JPSC कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी ली गई थी. CID ने JPSC कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज, OMR शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए थे. वहीं, TDPL कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए.
इस मामले में CID अब तक JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है.


