पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सरकारी सुरक्षा हटाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। Z+ सुरक्षा हटाए जाने के बाद लालू परिवार ने अपने आवास पर तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया। पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड आवास के बाहर बड़ी संख्या में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ता पहुंच गए। कई कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडे लेकर आवास के बाहर जमा हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
Highlights:
Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-
RJD ने लगाया साजिश का आरोप
RJD नेताओं ने सुरक्षा हटाने के फैसले को साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पहले लालू परिवार को सरकारी आवास खाली करने की चेतावनी दी गई और अब उनकी सुरक्षा में कटौती की गई है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को दबाने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।
आवास खाली कराने को लेकर भी विवाद
10 सर्कुलर रोड आवास खाली कराने को लेकर भी विवाद बढ़ता जा रहा है। भवन निर्माण विभाग नियमों का हवाला देकर आवास खाली करने की बात कह रहा है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की मनमानी बता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने सुरक्षा में कटौती को घटिया राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव देश के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी सुरक्षा में कमी करना गलत संदेश देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। आगे उन्होंने ने कहा कि जनता सब देख रही है और लालू प्रसाद यादव की सबसे बड़ी सुरक्षा जनता का समर्थन है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था और विपक्षी नेताओं के साथ सरकार के व्यवहार को लेकर बहस शुरू हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगा रहा है।
यह भी पढ़ें: पटना में फॉयरिंग व आर्म्स एक्ट मामले में चर्चित ख़ान सर उर्फ फैज़ल खान के सिविल कोर्ट में सरेंडर करने की चर्चा तेज


