गया: बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड में स्थित देवरी-डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज क्षेत्र में जिंदा बम और बिना फटे गोला-बारूद आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। हाल ही में हुए एक विस्फोट में एक नागरिक की मौत के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शनिवार को साउथ रेंज के विघी पहाड़ी इलाके में बम निरोधक दस्ते की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच जिंदा बमों को नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित रूप से नष्ट किया। इस दौरान सुरक्षा कारणों से पूरे जंगली क्षेत्र को चारों ओर से सील कर दिया गया था।
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अब भी इलाके में पड़े कई जिंदा गोला-बारूद
स्थानीय पंचायत के मुखिया संजीव कुमार उर्फ गुड्डू यादव ने बताया कि विघी पहाड़ी और आसपास के इलाकों में अब भी कई जिंदा बम और बिना विस्फोट हुए मोर्टार झाड़ियों और पत्थरों के बीच पड़े हुए हैं। ये गोला-बारूद पूर्व में सैनिक और अर्धसैनिक बलों के फायरिंग अभ्यास के दौरान छूट गए थे। मुखिया ने कहा कि यह इलाका मेहनत-मजदूरी पर निर्भर है। ग्रामीण अक्सर अपने पालतू पशुओं को चराने या कबाड़ समझकर गोला-बारूद के अवशेष चुनने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में चले जाते हैं। कई बार जिंदा गोला-बारूद मिलने पर उसे तोड़ने की कोशिश में विस्फोट हो जाता है, जिससे लोगों की जान चली जाती है।
फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग
मुखिया ने मांग की है कि फायरिंग रेंज के निर्धारित इम्पैक्ट जोन के हर हिस्से की गहन जांच कराई जाए। इसके साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्र में कम से कम छह फीट ऊंची मजबूत फेंसिंग और पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षा इंतजाम पूरे नहीं होते, तब तक वे फायरिंग की अनुमति नहीं देंगे। बीते शुक्रवार को देवरी-डुमरी फायरिंग रेंज क्षेत्र में एक विस्फोट की घटना हुई थी। इस हादसे में दो नागरिक हताहत हुए, जिनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
रक्षा मंत्रालय का बयान
इस मामले पर रक्षा मंत्रालय की ओर से रक्षा जनसंपर्क अधिकारी विंग कमांडर देबार्थो धर ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि घटना के दिन देवरी-डुमरी फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की कोई फायरिंग गतिविधि नहीं चल रही थी। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ की फायरिंग गतिविधि पहले ही पूरी हो चुकी थी और सभी निर्धारित क्लियरेंस प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। विंग कमांडर देबार्थो धर ने स्पष्ट किया कि इस घटना में भारतीय सेना का कोई भी कार्मिक शामिल नहीं है। प्रारंभिक तथ्यों से संकेत मिलता है कि फायरिंग के बाद नागरिकों द्वारा अनधिकृत रूप से रेंज क्षेत्र में प्रवेश किया गया होगा।
सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
उन्होंने बताया कि घटना से संबंधित विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। तथ्यों के पूर्ण सत्यापन के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि अधिसूचित फायरिंग रेंज क्षेत्रों के आसपास लागू सुरक्षा प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करें। देवरी-डुमरी फायरिंग रेंज में लगातार सामने आ रही घटनाएं प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि स्थायी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और निर्दोष की जान न जाए।


