पलामू : जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र का मामला लगातार सामने आ रहा है. हरिहरगंज प्रखंड में कुछ दिनों के अंतराल में दूसरी बार फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र पकड़ा गया है. ताजा मामले में अंचल कार्यालय की जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद प्रज्ञा केंद्र संचालक के खिलाफ हरिहरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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जानकारी के अनुसार हरिहरगंज थाना क्षेत्र के एकौनी गांव निवासी विद्यापति देवी ने 25 सितंबर को SIR प्रक्रिया के दौरान अपना आवासीय प्रमाण पत्र जमा किया था. प्रमाण पत्र की जांच हरिहरगंज अंचल कार्यालय से कराई गई. जांच के दौरान पता चला कि जिस आवासीय प्रमाण पत्र को जमा किया गया था, वह अंचल कार्यालय से जारी ही नहीं हुआ था.प्रमाण पत्र पर दर्ज नंबर भी अंचल निरीक्षक के लॉगिन में लंबित पाया गया.
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक टीम ने विद्यापति देवी से पूछताछ की. पूछताछ में उसने बताया कि आवासीय प्रमाण पत्र प्रज्ञा केंद्र से बनवाया गया था. उसने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि प्रज्ञा केंद्र संचालक अब्दुल सलाम ने उसे यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था.
इसके बाद हरिहरगंज अंचल अधिकारी के आवेदन पर प्रज्ञा केंद्र संचालक अब्दुल सलाम के खिलाफ हरिहरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. SIR प्रक्रिया के दौरान प्रमाण पत्र की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया था.
हरिहरगंज में इससे पहले 14 सितंबर को बूथ संख्या 362 की सुनवाई के दौरान स्थानीय निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था.फातमा परवीन (पति मोहम्मद जमील अंसारी, निवासी अंसारी बिगहा) का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज था. उस मामले की जांच के बाद अब एक बार फिर फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े जाने से प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया और प्रज्ञा केंद्रों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. प्रशासन अब इस मामले में यह भी जांच कर रहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में संचालक की भूमिका क्या थी और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है.

