Friday, October 30, 2026

30 मार्च तक इस्तीफा नहीं देंगे नीतीश कुमार तो भी नहीं जाएगी सदस्यता, जानें 14 दिन का नियम

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 मार्च तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. नीतीश कुमार न तो मुख्यमंत्री के पद से और न ही विधान परिषद की सदस्यता से 30 मार्च तक इस्तीफा देने को बाध्य हैं. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को 30 मार्च तक बिहार विधानमंडल की सदस्यता छोड़ने को लेकर कयासों का बाजार गर्म था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनकी राज्यसभा की सदस्यता चली जाएगी. इसके लिए संवैधानिक व्यवस्था और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला दिया जा रहा है.

मंत्री के बयान से कयासों को मिला बल

सदस्यता रद्द होने को लेकर कयासों को और ज्यादा बल तब मिला, जब बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि नीतीश कुमार को 14 दिनों में अपनी सदस्यता छोड़नी होगी. इस हिसाब से नीतीश को 30 मार्च तक इस्तीफा देना होगा. कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की लोकसभा सदस्यता भी इसी आधार पर रद्द हो हुई थी. हालांकि पूरे मामले की पड़ताल करने पर यह साफ हुआ है कि नीतीश कुमार और नितिन नवीन 30 मार्च तक विधानमंडल की सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए बाध्य नहीं हैं.

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क्या है 14 दिनों का नियम?

पूरे मामले में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 101(2) का जिक्र आ रहा है. इसके तहत यह प्रावधान है कि कोई व्यक्ति एक ही समय में संसद (लोकसभा/राज्यसभा) और राज्य के विधानमंडल (विधानसभा/विधानपरिषद) दोनों का सदस्य नहीं हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो उसे एक निश्चित समयसीमा के अंदर एक सदन से त्यागपत्र देना होगा. समयसीमा का निर्धारण राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए नियम से तय होगा. इसकी समयसीमा प्रोहिबिशन ऑफ सिमुल्टेनियस मेंबरशिप रूल्स 1950 में तय की गई है. इस नियम के तहत दो सदनों के सदस्य निर्वाचित होने की स्थिति में व्यक्ति को 14 दिनों के अंदर अपना पद छोड़ना होगा.

कब तक देना होगा इस्तीफा?

14 दिनों के नियम की गणना आखिर कब और कैसे शुरू हों, इसे लेकर विरोधाभास की स्थिति है क्योंकि इसकी गणना कब से हो, चुनाव नतीजों की घोषणा से या फिर परिणाम का केंद्रीय या राज्य गजट में प्रकाशन की तारीख से? निर्वाचन की तारीख और गजट का प्रकाशन का समय अलग-अलग होता है. नियम कहता है कि कोई भी व्यक्ति गजट नोटिफिकेशन के 14 दिनों के अंदर इस्तीफा देने के लिए बाध्य होता है, न कि निर्वाचन की तारीख से. राज्यसभा चुनाव के परिणामों का गजट प्रकाशन अब तक नहीं हुआ है, ऐसे में नीतीश कुमार पर विधान परिषद की सदस्यता त्यागने की बाध्यता फिलहाल नहीं है.

एयर नाऊ स्पेशल

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