ग्रीनलैंड : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की मंशा और नए टैरिफ फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। शनिवार को ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में इतिहास का सबसे बड़ा जनप्रदर्शन देखने को मिला, जहां हजारों लोग अमेरिकी नीति के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, करीब 10,000 प्रदर्शनकारियों ने विरोध मार्च निकाला, जो नूक की कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा है।
प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक मार्च करते हुए पहुंचे और “अमेरिका वापस जाओ”, “ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है” और “हमारी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं” जैसे नारे लगाए। कई जगहों पर ट्रंप के पुतले जलाए गए और अमेरिकी झंडे के प्रतीकात्मक विरोध में आग लगाई गई। हाथों में ग्रीनलैंड का राष्ट्रीय ध्वज लिए लोगों ने साफ संदेश दिया कि वे अपनी जमीन पर किसी भी तरह के राजनीतिक या आर्थिक दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।
इस बीच, ट्रंप की आक्रामक नीति ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को भी खतरे में डाल दिया है। यूरोपीय नेताओं ने इसे “दबाव की कूटनीति” करार दिया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि यूरोप किसी भी तरह के ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट किया कि धमकियों से यूरोप की दिशा तय नहीं होगी। ट्रंप ने हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद ईयू ने कड़ा रुख अपनाया है। यूरोपीय आयोग ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका व्यापारिक दबाव बनाता है, तो ईयू जवाबी काउंटर टैरिफ लगाएगा।


