न्यूज डेस्क : पश्चिम बंगाल में सोमवार को होने वाली मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने शनिवार को राज्य में अतिरिक्त 165 काउंटिंग ऑब्ज़र्वर और 77 पुलिस ऑब्ज़र्वर तैनात किए हैं. चुनाव आयोग ने एक नोटिस जारी कर कहा कि अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्ज़र्वर पहले से हर विधानसभा क्षेत्र में तैनात 294 ऑब्ज़र्वर की मदद करेंगे. वहीं अतिरिक्त पुलिस ऑब्ज़र्वर सुरक्षा को मज़बूत करेंगे और मतगणना केंद्रों के बाहर क़ानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे.
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अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर मतगणना के दौरान पुलिस ऑब्ज़र्वर तैनात नहीं किए जाते. लेकिन इस मामले में इन ऑब्ज़र्वर्स को मतगणना केंद्रों के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी और वे केवल बाहर क़ानून-व्यवस्था संभालेंगे.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
बता दें कि इससे पहले शनिवार को सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतगणना के पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी सर्कुलर का पालन करेगा. बार एंड बेंच के मुताबिक़, निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि 4 मई को वोटों की गिनती राज्य सरकार के प्रतिनिधि की मौजूदगी में होगी.
दरअसल जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जॉयमाल्या बाग़ची की बेंच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी के फ़ैसले को चुनौती दी गई थी. इस फ़ैसले में केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वोट गिनती पर्यवेक्षक बनाने का आदेश दिया गया था.
टीएमसी की याचिका खारिज
निर्वाचन आयोग का पक्ष जानने के बाद कोर्ट ने टीएमसी की अपील पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया, जो कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ दायर की गई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “एसएलपी में और आदेश की ज़रूरत नहीं है. हम नायडू की बात दर्ज करते हैं कि निर्वाचन आयोग का सर्कुलर पूरी तरह पालन किया जाएगा.” यह याचिका कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ दायर की गई थी, जिसने गुरुवार को टीएमसी की याचिका ख़ारिज कर दी थी.


