मुंबई: शुक्रवार की सुबह भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए एक बड़ी हलचल लेकर सामने आई है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े कई ठिकानों पर अचानक धावा बोल दिया है. ईडी ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 लोकेशन्स पर एक साथ की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ईडी की 15 टीमों ने ये छापेमारी की है।
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क्या है पूरा मामला
पूरे विवाद की जड़ें रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े उस लोन से जुड़ी हैं, जो भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और यस बैंक सहित कई अन्य वित्तीय संस्थानों से लिया गया था. आरोप बेहद गंभीर हैं. कहा जा रहा है कि इन बैंकों से कर्ज के रूप में ली गई धनराशि को नियमों को ताक पर रखकर अन्य संबंधित संस्थाओं और विदेशी खातों में डायवर्ट किया गया. बात सिर्फ स्वदेशी बैंकों तक सीमित नहीं है. इस मामले में चीनी सरकारी बैंकों से जुड़े 13,558 करोड़ रुपये के भारी जोखिम का भी खुलासा हुआ है. यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच साल 2019 में दर्ज की गई सीबीआई की एक एफआईआर पर आधारित है. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बाद, ईडी ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो अब इस पूरे मामले की परतें उधेड़ रहा है.


