रांची : सोमवार को उत्पाद विभाग के तत्कालीन कमिश्नर और वर्तमान में रामगढ़ के डीसी फैज अक अहमद से एसीबी ने शराब घोटाला मामले में लंबी पूछताछ की. एसीबी ने पूछताछ को लेकर उन्हें नोटिस जारी करते हुए सोमवार को उपस्थिति होने को कहा था. रामगढ़ डीसी ने एसीबी मुख्यालय में पूछताछ हुई. एसीबी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान रामगढ़ डीसी ने उत्पाद आयुक्त रहते कथित तौर पर उत्पाद नीति का उल्लंघन समेत कई अन्य गड़बड़ियों पर वरीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था.
Highlights:
कई सवालों का करना पड़ा सामना
इन तथ्यों के आधार पर ही एसीबी ने उनसे पूछा कि विभाग में क्या गड़बड़ी हुई थी. किसने गड़बड़ी की थी. किसके कहने पर गड़बड़ी की गई थी. उनके संज्ञान में जब यह गड़बड़ियां सामने आई थी, तो इस संबंध में क्या उन्होंने किसी भी वरीय अधिकारी को लिखित या मौखिक रूप में किसी भी प्रकार की कोई जानकारी दी थी. संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार को भी रामगढ़ फैज अक अहमद से इस संबंध में पूछताछ जारी रह सकती है.
13 लोगों के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
बता दें कि झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में एसीबी ने उत्पाद विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे सहित 13 लोगों पर बीते 20 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी. इस दर्ज मामले के तहत 21 मई को विनय कुमार चौबे से पहले लंबी पूछताछ और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी. एसीबी की प्राथमिकी में दो प्लेसमेंट एजेंसियों की फर्जी बैंक गारंटी की जवाबदेह अफसरों ने जांच नहीं की थी. इस वजह से 38.44 करोड़ का शराब घोटाला हुआ था.
लेकिन प्लेसमेंट एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं की गयी. नियमानुकूल रिकवरी नहीं होने पर मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड पर मार्च 2025 तक 12 करोड़ 98 लाख 18 हजार 405 रुपये और मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मार्च 2025 तक 25 करोड़, 46 लाख 66 हजार 313 रुपये की देनदारी की बात सामने आयी थी.
जमानत याचिका पर सुनवाई में एसीबी का जवाब
करोड़ों रुपये के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद गुजरात की विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक विक्रम सिंह अभय सिंह ठाकोर, परेश अभय सिंह ठाकोर और महेश शिड़गे की जमानत याचिकाओं पर सोमवार को एसीबी कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से तीनों याचिकाओं पर जवाब दाखिल किया गया. अदालत ने विक्रम सिंह अभय सिंह ठाकोर और महेश शिड़गे की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 20 नवंबर को तय की है. जबकि परेश अभय सिंह ठाकोर की जमानत याचिका पर 25 नवंबर को सुनवाई होगी.
बता दें कि इन तीनों आरोपियों को एसीबी ने कोर्ट से वारंट लेने के बाद 13 अक्टूबर को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था. इससे पूर्व पूछताछ के लिए एसीबी ने उन्हें नोटिस भेजा था, लेकिन यह सभी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए थे. एसीबी ने इन पर फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई का ठेका लेने का आरोप लगाया है, जिससे राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति हुई.


