रांची : दिशाेम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग (JEE)एवं मेडिकल (NEET) कोचिंग संस्थान का शुभारंभ रांची के हिंदपीढ़ी स्थित आदिवासी मैदान में हुआ। जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बता दे कि पूरे राज्य से 300 छात्र छात्राओं का चयन किया गया हैं। बता दे कि बच्चों के लिए दो विकल्प है पहला जो बच्चे 10 वीं पास है उनके लिए 2 वर्ष और जो बच्चे 12 वीं की परीक्षा पास कर ली है उनके लिए 1 वर्ष ट्रेनिंग दिया जाएगा। 30 नवंबर को इसका एग्जाम लिया गया था, तमाम बच्चे ऑनलाइन माध्यम से अप्लाई किया था जिसके बाद 30 नवंबर को रांची में एग्जाम लिया गया था।

सीएम हेमंत सोरेन ने तमाम छात्रों को बढ़ाई दी। साथ ही कहा कि हम लोगों ने नया अध्याय लिखा गया है। कल्याण विभाग के अतः प्रयास से आज दिशाेम गुरु शिबू सोरेन की याद में यहां बच्चों के लिए एक छोटी से शुरूआत है, ताकि बच्चे पढ़ाई को और अपने परिवार के लिए बेहतर कल लिख सकें। इस संस्थान का उद्वेश्य और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा सहयोगी के रूप में जो संस्था आई है मोशन संस्था उनका मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अभिनंदन किया।

यहां से बच्च इंजीनियरिंग और मेडिकल मेनकैसे दाखिलामले सके वो आपको सीखने का काम किया जाएगा। हेमंत सोरेन ने बड़ी घोषणा करते हु बताया कि जो बच्चे ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है और आगे चल कर यूपीएससी, JPSC समेत अन्य प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करना चाहते है। उसकी व्यवस्था कराई जाएगा। मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि दिशाेम गुरु शिबू सोरेन की यह सोच रहा कि पढ़ाई के प्रति शिक्षा के प्रति जो सोच थीं। उसी को हमने आज पूरा किया है। अगर झारखंड और समाज को बदलना है तो शिक्षा की काफी जरूरत होती है।


