दिल्ली: संसद के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। आम बजट 2026-27 पेश होने के बाद अब संसद में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हो सकती है। इस चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए संसद में कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
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लोकसभा में इस बहस की शुरुआत केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल करेंगे। उनके बाद अलग-अलग दलों के सांसद अपनी बात रखेंगे। कार्यसूची के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी इस बहस में हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी (बुधवार) को इस चर्चा का जवाब देंगे।
आम बजट पर भी होगी चर्चा
रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026-27 पेश किया था। उन्होंने करीब 85 मिनट तक बजट भाषण दिया। बजट को लेकर सरकार जहां इसे विकासोन्मुखी बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे आम जनता के हितों से दूर बताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 फरवरी को बजट से जुड़े सवालों और चर्चाओं का जवाब देंगी। बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के आसार भी बने हुए हैं।
विपक्ष आम बजट और जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कथित मुद्दे को लेकर सरकार को घेर सकता है। दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 31 जनवरी को दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानव तस्करी, नाबालिगों के यौन शोषण और बलात्कार के दोषी जेफ्री एपस्टीन की सलाह मानी थी। इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है और विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी में है।
बजट सत्र का पूरा कार्यक्रम
संसद का बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और इसका समापन 2 अप्रैल को होगा। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा। दोनों चरणों में कई अहम विधेयकों और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। लोकसभा में इस समय 9 विधेयक लंबित हैं।
इनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 प्रमुख हैं। इन सभी विधेयकों की जांच फिलहाल संसदीय स्थायी समितियों या प्रवर समितियों द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद इन्हें संसद में चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया जाएगा।



