मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद राज्य की राजनीति में तेजी से बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। उनके निधन के बाद अब पार्टी और सरकार दोनों स्तर पर नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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विमान हादसे में अजित पवार का निधन
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे में निधन हो गया था। वह मुंबई से बारामती जा रहे थे। बताया गया कि लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई, जिसमें अजित पवार, दो पायलट, एक सुरक्षाकर्मी और एक स्टाफ सदस्य शामिल थे। अजित पवार की उम्र 66 वर्ष थी और वह महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। उनके निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया।
सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा
अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का नया डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि एनसीपी के कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि आने वाले समय में वह बारामती सीट से चुनाव भी लड़ सकती हैं। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एनसीपी में बड़े स्तर पर संगठनात्मक बदलाव हो सकते हैं। प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के अंदर नए समीकरण बन सकते हैं और शरद पवार गुट के साथ भविष्य में तालमेल या विलय की संभावनाओं पर भी बातचीत हो सकती है। हालांकि इस पर भी अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
नेताओं और समर्थकों में शोक
अजित पवार के निधन के बाद देशभर के नेताओं ने शोक जताया। उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति का मजबूत नेता माना जाता था। वह लंबे समय से बारामती क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और राज्य की राजनीति में उनकी बड़ी भूमिका थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन बदल सकता है। एनसीपी के अंदर नेतृत्व को लेकर फैसले आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।


