पटना : राज्य में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में पूर्वी चंपारण, जमुई और पूर्णिया जिलों में डिजिटल तारामंडल का निर्माण शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही इन जिलों में स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। यह जानकारी विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी विकास विभाग ने अपने बजट प्रस्ताव में दी है।
Highlights:
39 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति
सरकार ने इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की सहायता से कुल 39 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। विभाग के अनुसार, इन तारामंडलों का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में शुरू करने की तैयारी है। डिजिटल तारामंडल के माध्यम से छात्र-छात्राओं और आम लोगों को खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष और ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी आधुनिक तकनीक के जरिए दी जाएगी।
इसी क्रम में शिक्षा ढांचे को और मजबूत करने के लिए पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में एक नए राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 73.04 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस पॉलिटेक्निक का निर्माण कार्य भी 2026-27 में शुरू होगा, जिससे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके अलावा राजधानी पटना में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एनआईटी, पटना में एक आधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।
स्टार्टअप को तकनीकी सहायता
इस पर 47.76 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र में राज्य के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों और एनआईटी पटना के स्टार्टअप को तकनीकी सहायता, कानूनी दस्तावेजीकरण, बिजनेस नेटवर्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी।
सरकार ने अभियंत्रण महाविद्यालयों में पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, थ्री-डी एनिमेशन और ग्राफिक्स जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी शुरू की है। इससे छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।


