रांची: रिम्स डेंटल कॉलेज में मंगलवार को इंटर्न छात्रों ने अचानक काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी, क्योंकि उन्हें लंबे समय से स्टाइपेंड का भुगतान नहीं मिला है, और कई बार मांग के बावजूद जब पैसा नहीं आया तो उन्होंने विरोध करते हुए इलाज का काम रोक दिया. हड़ताल का असर तुरंत अस्पताल में दिखने लगा, क्योंकि रिम्स डेंटल कॉलेज में रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.
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कई महीनों से रुका स्टाइपेंड
इंटर्न छात्रों का कहना है कि उनका स्टाइपेंड कई महीनों से रुका हुआ है, जिससे उन्हें रहने, खाने और पढ़ाई के खर्च उठाने में परेशानी हो रही है, उन्होंने कई बार कॉलेज प्रबंधन से इस बारे में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला, ऐसे में मजबूरी में उन्हें हड़ताल करनी पड़ी, अब उनकी साफ मांग है कि बकाया स्टाइपेंड तुरंत जारी किया जाए और आगे से समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
प्रबंधन ने तकनीकी दिक्कत बताई
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि स्टाइपेंड रोकने की कोई मंशा नहीं है, बल्कि अकाउंट से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण भुगतान अटका हुआ है, उन्होंने बताया कि इस समस्या को ठीक करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इंटर्न को उनका बकाया पैसा दे दिया जाएगा.
सेवाएं हुई प्रभावित, ठप हुआ काम
इंटर्न छात्रों के काम बंद करने से ओपीडी की सेवा प्रभावित नजर आई तो वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की रफ्तार धीमी पड़ गई और मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा या बाद में आने को कहा गया. रिम्स डेंटल कॉलेज झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी डेंटल संस्थान है, जहां रांची के साथ-साथ कई जिलों से मरीज इलाज के लिए आते हैं, यहां हर दिन ओपीडी में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में इंटर्न की हड़ताल का असर ज्यादा लोगों पर पड़ा है, खासकर सामान्य दंत सेवाएं और छोटे इलाज सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.


