Delhi Food Safety: त्योहार आते ही घरों में मिठाइयां आने लगती हैं. कोई लड्डू खरीदता है, तो कोई बर्फी, पेड़ा और रसगुल्ला. लेकिन क्या दुकानों पर मिलने वाली मिठाइयां साफ जगह पर बनती हैं और खाने के लिए सुरक्षित होती हैं. दिल्ली में Delhi Food Safety को लेकर हुई जांच में कई ऐसी कमियां सामने आई हैं, जिनके बारे में मिठाई खरीदने वाले लोगों को पता होना चाहिए. खाद्य विभाग ने दिल्ली की कई मिठाई की दुकानों पर छापे मारे.
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इस दौरान कहीं मिठाइयों के पास कीड़े घूमते मिले, तो कहीं सामान बनाने और रखने की जगह पर गंदगी दिखाई दी. कुछ दुकानों पर पानी और खाने के सामान की जांच से जुड़े कागज भी नहीं मिले. त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में दुकानों की सफाई और खाने के सामान को सही तरीके से रखना और भी जरूरी हो जाता है.
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Delhi Food Safety: मिठाई की दुकानों में मिला
जांच के दौरान ओखला फेज-दो में मौजूद एवरग्रीन स्वीट हाउस के सामान रखने वाली जगह पर काफी कीड़े मिले. वहां कुछ कर्मचारी बिना दस्ताने पहने और ठीक से सफाई किए बिना खाने का सामान संभाल रहे थे. दुकान पर पानी और खाने के सामान की जांच से जुड़े कागज भी नहीं मिले. इसके बाद खाद्य विभाग ने वहां से बूंदी दाना और खोया के नमूने लिए. इन नमूनों की जांच से पता लगाया जा सकता है कि सामान तय नियमों के अनुसार सही है या नहीं.
दिल्ली की दूसरी दुकानों में भी सफाई से जुड़ी कई कमियां मिलीं. इनमें कालीघाटा स्वीट्स, भिकाराम चंदमल, अमन मिठाईवाला, ग्रोवर स्वीट कॉर्नर, मेठी फूड्स और सिंगला स्वीट्स के नाम शामिल हैं. कुछ जगहों पर खाने का सामान कीड़ों से बचाने के सही इंतजाम नहीं थे. कई दुकानों पर जरूरी लाइसेंस सामने नहीं लगाया गया था. कुछ जगहों पर सामान की पैकिंग और कर्मचारियों को सही तरीके से काम सिखाने से जुड़े कागज भी पूरे नहीं मिले.
Delhi Food Safety: तीन साल में 535 नमूने फेल
खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2022-23 से 2024-25 के बीच दिल्ली में खाने के सामान के कुल 9,169 नमूनों की जांच की गई. इनमें से 535 नमूने तय नियमों पर सही नहीं पाए गए. साल 2022-23 में 3,133 नमूनों में से 255 नमूने जांच में फेल हुए. साल 2023-24 में 3,412 नमूनों में से 150 नमूने सही नहीं मिले. वहीं, साल 2024-25 में 2,624 नमूनों में से 130 नमूने तय नियमों पर खरे नहीं उतरे.
इन मामलों में केवल 38 मामलों में ही दोष साबित हो सका. सिर्फ दो लाइसेंस रद्द किए गए. इससे यह सवाल उठता है कि जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद दुकानों पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है. Delhi Food Safety को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ छापे मारना ही काफी नहीं है. जांच के बाद नियम तोड़ने वालों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी भी लोगों तक पहुंचनी चाहिए.
Delhi Food Safety: 4,100 किलो खोया और पनीर नष्ट किया
सितंबर में दिल्ली में 4,100 किलो से ज्यादा खोया, पनीर और छेना नष्ट किया गया. खाद्य विभाग की कार्रवाई में इन सामानों को खाने के लिए सही नहीं पाया गया था. खोया और पनीर का इस्तेमाल कई तरह की मिठाइयां बनाने में होता है. इसलिए इन चीजों की जांच करना भी जरूरी है. अगर खाने के सामान में मिलावट हो या उसे गलत तरीके से रखा जाए, तो लोगों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है.
खाद्य विभाग की जांच में मोरी गेट खोया मंडी से लिए गए 30 नमूनों में से 22 सही नहीं पाए गए. वहीं, घी के 59 नमूनों में से 19 को खाने के लिए असुरक्षित और चार को खराब पाया गया. ये आंकड़े बताते हैं कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान की जांच भी जरूरी है. Delhi Food Safety को बेहतर बनाने के लिए दुकानों की नियमित जांच और साफ-सफाई पर ध्यान देना होगा.
मिठाई खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें
मिठाई खरीदते समय दुकान की सफाई पर ध्यान देना चाहिए. यह देखना चाहिए कि मिठाइयां धूल और मक्खियों से बचाकर रखी गई हैं या नहीं. पैक मिठाई खरीदते समय उसके पैकेट पर लिखी बनाने और इस्तेमाल करने की आखिरी तारीख जरूर देखनी चाहिए. अगर मिठाई से अजीब गंध आ रही हो या उसका रंग और रूप असामान्य लगे, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए.
ऐसी दुकान से मिठाई खरीदना बेहतर है जहां खाने का सामान साफ तरीके से बनाया और रखा जाता हो. अगर किसी दुकान पर गंदगी या खराब खाने का सामान दिखाई देता है, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है. Delhi Food Safety को बेहतर बनाने के लिए दुकानदारों को साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा और विभाग को नियम तोड़ने वालों पर उचित कार्रवाई करनी होगी

