Wednesday, October 28, 2026

Fake Cement Factory: कानपुर में 1000 नकली बोरियों का खेल, घर बनाने वालों के लिए बड़ा खतरा

News Desk: कानपुर में घर बनाने के लिए सीमेंट खरीदने वालों से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पनकी के इस्पात नगर में एक ऐसी फैक्ट्री पर छापा मारा गया, जहां ACC और अंबुजा सीमेंट के नाम वाली करीब 1000 बोरियां मिली हैं. इतना ही नहीं, वहां 400 खाली बोरियां भी बरामद हुई हैं. पुलिस को शक है कि पुरानी या एक्सपायरी सीमेंट को नामी कंपनियों की बोरियों में भरकर बेचने का काम किया जा रहा था.

इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री के मुंशी राहुल को हिरासत में लिया है. यह मामला तब सामने आया, जब अदानी ग्रुप की टीम को जानकारी मिली कि पनकी में उसके ब्रांड के नाम पर नकली सीमेंट बेची जा रही है. कंपनी ने पहले अपने स्तर पर इसकी जांच कराई. जब शिकायत सही पाई गई, तो पुलिस से इसकी शिकायत की गई. इसके बाद फैक्ट्री पर छापा मारा गया और वहां से बड़ी संख्या में सीमेंट की बोरियां बरामद हुईं.

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Fake Cement Factory: कैसे खुला नकली सीमेंट का मामला

अदानी ग्रुप के कानपुर ब्रांच में सेल्स के सीनियर मैनेजर मुमताजुल हक के मुताबिक, उनकी बिजनेस टीम को करीब एक महीने पहले पनकी में नकली सीमेंट बेचने की जानकारी मिली थी. इसके बाद कंपनी ने अपनी निजी टीम से जांच कराई. जांच में मामला सही मिलने पर उन्होंने मंगलवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पुलिस की टीम ने पनकी पुलिस के साथ मिलकर इस्पात नगर के एफ-18 स्थित फैक्ट्री में छापा मारा.

पुलिस के पहुंचते ही वहां हलचल मच गई. तलाशी के दौरान ACC और अंबुजा सीमेंट के नाम वाली करीब 1000 बोरियां मिलीं. इसके साथ ही 400 खाली बोरियां भी बरामद हुईं. मौके पर दूसरी नामी कंपनियों के नाम वाली सीमेंट भी मिली.

Fake Cement Factory: 400 खाली बोरियां और दो वाहन बरामद

फैक्ट्री में पुलिस को सीमेंट की बोरियों के साथ दो वाहन भी खड़े मिले. इन वाहनों में भी बोरियां भरी हुई थीं. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन बोरियों को कहां ले जाया जाना था और क्या इस सीमेंट को बाजार में बेचा जा चुका है. कंपनी के अधिकारी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि पुरानी या एक्सपायरी सीमेंट खरीदकर उसे नामी कंपनियों की बोरियों में भरने और फिर बेचने की बात सामने आई है.

अगर ऐसा हुआ है, तो ग्राहक जिस कंपनी की सीमेंट खरीदने की सोच रहा था, उसे वैसी सीमेंट मिलने के बजाय दूसरी सीमेंट बेची जा सकती थी. हालांकि, इस पूरे मामले की सच्चाई पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.

Fake Cement Factory: मुंशी से पूछताछ

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुंशी राहुल को हिरासत में लिया है. उससे फैक्ट्री में होने वाले काम और सीमेंट की बोरियों के बारे में सवाल पूछे जा रहे हैं. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फैक्ट्री का मालिक कौन है और इस काम में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे. एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि अदानी ग्रुप से मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की गई है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और मुंशी से पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी. अभी तक फैक्ट्री के मालिक का नाम सामने नहीं आया है.

Fake Cement Factory: घर बनाने वालों के लिए परेशानी

सीमेंट घर की दीवारों, छत और दूसरी जरूरी चीजों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है. ऐसे में अगर सीमेंट की गुणवत्ता ठीक नहीं है, तो निर्माण की मजबूती पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से सीमेंट खरीदते समय उसकी बोरी, कंपनी का नाम और बिल जरूर देखना चाहिए. कानपुर की इस Fake Cement Factory से बरामद बोरियों को कहां बेचा जाना था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. पुलिस की जांच से पता चलेगा कि इस काम के पीछे कौन था और क्या यह सीमेंट पहले भी बाजार में बेची गई थी.

एयर नाऊ स्पेशल

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