नई दिल्ली : फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस महीने भारत की यात्रा पर आने वाले हैं. उनकी यात्रा से पहले रक्षा मंत्रालय भारतीय वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा करने की संभावना है. भारतीय वायु सेना के इस प्रस्ताव को पिछले महीने रक्षा खरीद बोर्ड द्वारा प्रारंभिक स्वीकृति दी गई थी. रक्षा सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव अगले सप्ताह रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा के लिए लाया जाएगा.
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स्क्वाड्रन की स्वीकृत संख्या
बताया जा रहा है कि इसे सौदे को वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर भारतीय वायु सेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में भारतीय वायु सेना केवल लगभग 30 लड़ाकू विमान स्क्वाड्रनों का संचालन कर रही है, जबकि इसकी स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन है. यह परियोजना भारतीय वायु सेना को लंबे समय तक 4.5-पीढ़ी-प्लस मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट की आवश्यकता को पूरा करने में मदद करने की उम्मीद है.
114 में से 80% लड़ाकू विमान भारत में बनेंगे
114 राफेल लड़ाकू विमानों में से लगभग 80 प्रतिशत को भारत में निर्मित करने की योजना है. बताया जा रहा है कि भारतीय वायु सेना को इस परियोजना के तहत 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर विमानों की प्राप्ति होगी, जिनमें से अधिकांश भारत में डासल्ट और भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के सहयोग से निर्मित किए जाएंगे.
एक बार सौदा पूरा होने के बाद, भारतीय वायु सेना के पास 150 राफेल विमानों का बेड़ा होगा, जिसमें भारतीय नौसेना के 26 विमानों का भी समावेश होगा. इन विमानों को एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात किया गया है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति के 18 फरवरी को दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन के लिए उपस्थित रहने की उम्मीद है.


