चतरा: झारखंड के चतरा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बिजुरी थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव से करीब 28 दिन पहले लापता हुई 14 वर्षीय दिव्यांग बच्ची मुन्नी कुमारी का शव आखिरकार नक्सलबांध पहाड़ के जंगल से बरामद कर लिया गया है। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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नक्सलबांध पहाड़ के जंगल में मिला शव
पुलिस के अनुसार, मुन्नी कुमारी का शव जिस स्थान से मिला है, वह उसके घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर और काफी दुर्गम इलाका है। शव काफी हद तक सड़-गल चुका था, जिससे प्रथम दृष्टया यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। नक्सलबांध पहाड़ के जंगल में शव पड़े होने की जानकारी सबसे पहले जोरी मोरल गांव निवासी बिरसा मुंडा को मिली। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मुन्नी के परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और बच्ची की पहचान के बाद पुलिस को जानकारी दी गई।
कैसे लापता हुई थी मुन्नी कुमारी
सूचना मिलते ही बिजुरी थाना पुलिस, एसडीपीओ और भारी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। जांच के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी बुलाया गया। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से आसपास के इलाकों में जांच कराई गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 को मुन्नी कुमारी गांव के कुछ बच्चों के साथ खेलने के लिए घर से निकली थी। शाम तक जब वह घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और संभावित जगहों पर खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
पुलिस ने किए थे बड़े स्तर पर प्रयास
मुन्नी की गुमशुदगी के बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने तालाब में गोताखोर उतारे, ड्रोन कैमरे से तलाशी कराई और बाद में एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन भी किया गया। लगातार छापेमारी और पूछताछ के बावजूद पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने शुरुआत में मुन्नी की जानकारी देने पर 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा की थी। बाद में इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया गया और 21 जनवरी 2026 को इनाम की राशि 50 हजार रुपये तक कर दी गई। इसके बावजूद कोई विश्वसनीय सूचना सामने नहीं आई।
परिजनों का सवाल
मुन्नी के पिता निर्मल राणा इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि मुन्नी हाथ और पैर से दिव्यांग थी। ऐसे में उसका अकेले इतने ऊंचे और दुर्गम पहाड़ तक पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। परिजनों को पहले से किसी अनहोनी की आशंका थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक गंभीर सवाल बनकर खड़ी हो गई है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे सच सामने आ सके।


