रांची : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, झारखंड राज्य परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को पार्टी के राज्य कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य परिषद सदस्य कामरेड जैनेन्द्र कुमार ‘तथागत’ ने की। बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, झारखंड के राज्य सचिव कामरेड महेंद्र पाठक ने कहा कि सीबीआई और सीआईडी की जांच पर छात्रों को भरोसा नहीं है। इसलिए झारखंड सरकार अविलंब हाईकोर्ट के कार्यरत जजों की कमेटी बनाकर जेपीएससी घोटाले की न्यायिक जांच कराए। इससे “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
Highlights:
इसे भी पढ़ें : राहुल गांधी ने किया ऐलान, “अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा…” 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’
MMDR 2026 का कड़ा विरोध
कामरेड महेंद्र पाठक ने कहा कि “भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) झारखण्ड केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक, 2026 का कड़ा विरोध करता है।” उन्होंने कहा कि झारखण्ड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर कॉरपोरेट घरानों के हितों को प्राथमिकता देना राज्य की जनता, मजदूरों और आदिवासी समुदायों के हितों के खिलाफ है। खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां के लोगों और राज्य का होना चाहिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कल 17 अगस्त से CPI झारखण्ड के नेतृत्व में खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में राज्यभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने तमाम मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से इस विरोध में शामिल होने की अपील की है। बैठक में यह भी कहा गया कि CPI झारखण्ड छात्र आंदोलन के साथ है और छात्रों की जायज मांगों का समर्थन करती है।

