नई दिल्ली : दिल्ली में सोमवार को हुई INDIA गठबंधन की बैठक 5 मुद्दों पर सहमति बनने के साथ खत्म हो गई है। इस बैठक में केंद्र के मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष में मौजूद 25 पार्टियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विधेयक को पारित नहीं होने दिया. सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने आई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें एकता की भावना को आगे बढ़ाना होगा. हालांकि, डीएमके और आम आदमी पार्टी ने इस बैठक से दूरी बनाई रखी.
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कांग्रेस अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस
मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया को संबोधित किया। खरगे के साथ ममता बनर्जी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित कई नेता मौजूद थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि 5 बिंदुओं पर सहमति बनी है। जिनपर सभी पार्टियां काम करेंगी। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा, SIR पर सीजेआई को चिट्ठी भेजने सहित कई मुद्दे शामिल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ऑल पार्टी मीटिंग बुलाए, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर चर्चा होगी. अगली बैठक हैदराबाद में आठ अगस्त को होगी. बैठक के बाद खरगे ने कहा कि जिन पांच बिंदुओं पर सहमति बनी है, इन पर हम डटकर काम करेंगे. वोट की लूट के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश पर पत्र लिखेंगे. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जाएगा क्योंकि नीट और सीबीएसई परीक्षा के भाग लेने वाले केंद्र सरकार आर्थिक हालत, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दों पर चर्चा की लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए.
पांच मुद्दे जिनपर बनी सहमति
- SIR के मुद्दे पर CJI को पत्र लिखा जाएगा
- नीट के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
- आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, मंहगाई और किसानों के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग
- हर दो महीने में गठबंधन की बैठक होगी
- संसद सत्र के दौरान नेता विपक्ष की अध्यक्षता में रोजाना बैठक होगी
बैठक के दौरान बोले मल्लिकार्जुन खरगे
इससे पहले बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन लगभग 3 साल पहले अस्तित्व में आया था। हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया। अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
SIR के कारण हमारे करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है। गैर-BJP सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है।
नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और MSMEs का भविष्य गंभीर संकट में है। परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर BJP शासित राज्यों में, लगातार जारी हैं। हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनकी भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।


