नई दिल्ली : कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि ‘वो आधी आबादी के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन असल में महिला आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं है.’ कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मोदी सरकार महिला आरक्षण के पीछे छिपकर विभाजनकारी और गैर-लोकतांत्रिक परिसीमन करना चाहती है.”
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29 मिनट में 58 बार कांग्रेस
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है, वो संविधान का हिस्सा है. साल 2023 में देश के सदन ने उसे सर्वसम्मति से पारित किया है, लेकिन मोदी सरकार ने उसमें शर्तें लगा दी हैं. महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़ा अटका रही है.” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल (शनिवार) देश को 29 मिनट तक संबोधित किया, जिसमें 58 बार कांग्रेस का नाम लिया. मतलब हर तीस सेकंड पर पीएम मोदी कांग्रेस के नाम की माला जप रहे थे, मोदी जी का ये डर हमें अच्छा लगा.”
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पीएम मोदी ने जताया था दुःख
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के नाम संबोधन दिया था. इसमें उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दुख जताया था. पीएम ने देश की महिलाओं से माफी मांगते हुए कहा कि इस बिल के पास नहीं होने देने के कारण देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों को कुचल दिया गया है.
पीएम मोदी ने कहा, “हमारे भरसक प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया. मैं सभी माताओं, बहनों से माफ़ी चाहता हूं.” उन्होंने विपक्षी नेताओं पर हमला करते हुए कहा, “कुछ लोगों के लिए दल से बड़ा कुछ नहीं होता.”
पीएम ने कहा, “देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी. मुझे भी देखकर दुःख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं. ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ़ नहीं करेंगी.”


