काशी : काशी में जी राम जी बिल के विरोध को लेकर कांग्रेस और उसके छात्र संगठन NSUI के प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन के समय पुलिस कार्रवाई में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस की ओर से आयोजित किया गया था। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एनएसयूआई के अध्यक्ष को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया और कुछ कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए गाड़ियों में बैठाकर हिरासत में लिया। अब तक 12 से अधिक कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है।

स्थिति बिगड़ती देख मोहित अग्रवाल खुद मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ बल प्रयोग किया जाए। पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और करीब 1000 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत मार्च निकालने वाले थे। सुबह उनके आवास के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। इसके बावजूद वे लगभग 50 कार्यकर्ताओं के साथ निकले, लेकिन टाउनहॉल चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद अजय राय गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए और उपवास शुरू कर दिया।

वहीं एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। कार्यकर्ताओं को बीएचयू के सिंह द्वार पर जुटने का निर्देश दिया गया था, जहां से करीब तीन किलोमीटर लंबा मार्च प्रस्तावित था। हालात को देखते हुए बीएचयू सिंह द्वार और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास करीब 500-500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। तीन स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई है और आगे बढ़ने से रोकने के लिए रस्सियों व बैरिकेड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल वाराणसी में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।


