Tuesday, September 15, 2026

मणिकर्णिका घाट विवाद पर सीएम योगी का बड़ा बयान, काशी को बदनाम करने की साजिश

काशी : काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर बीते 6 से 7 दिनों से सियासी माहौल गर्माया हुआ है। जेसीबी मशीन से कुछ प्राचीन संरचनाओं को हटाए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष के लगातार आरोपों के बीच योगी आदित्यनाथ आज वाराणसी पहुंचे। सीएम योगी ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर अपनी बात रखी। रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने के आरोपों को मुख्यमंत्री ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह काशी को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग काशी के विकास में बाधा बनना चाहते हैं, इसी वजह से उन्हें खुद वाराणसी आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले काशी की स्थिति किसी से छिपी नहीं थी। उन्होंने कहा, “उस समय गंगा जल आचमन तो दूर, स्नान के लायक भी नहीं था। घाटों की दुर्दशा सबने देखी है। आज हालात बदले हैं, घाट आकर्षण का केंद्र बने हैं और लोग गर्व से गंगा स्नान कर रहे हैं।”

मंदिर तोड़ने के आरोपों पर जवाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी इसी तरह की साजिश रची गई थी। एक वर्कशॉप से टूटी मूर्तियों को एक जगह इकट्ठा कर वायरल किया गया। अब यह कहना कि मंदिर तोड़े गए हैं, इससे बड़ा झूठ कुछ नहीं हो सकता। पहले ये मंदिर जीर्ण-शीर्ण हालत में थे, अब उनका जीर्णोद्धार हो रहा है।”

विरासत और आस्था का मुद्दा

सीएम योगी ने कहा कि करीब 100 साल पहले अन्नपूर्णा मंदिर की मूर्ति यूरोप पहुंचा दी गई थी, जिसे नरेंद्र मोदी के प्रयास से भारत वापस लाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले की सरकारों ने ऐसा प्रयास क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को देश की विरासत और आस्था से परहेज रहा, वे काशी का सम्मान नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि औरंगजेब द्वारा ध्वस्त किए गए बाबा विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का पहला प्रयास अहिल्याबाई होल्कर ने किया था, लेकिन उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया। यह सम्मान अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मिला है।

भ्रामक तस्वीरों पर सख्त टिप्पणी

सीएम योगी ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोग पिछले 3 से 4 दिनों से झूठी तस्वीरें वायरल कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये वही लोग हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल में काशी की विरासत को आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन अब विकास कार्यों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।” मणिकर्णिका घाट को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी के स्पष्ट बयान के बाद सरकार का रुख साफ है कि विकास के साथ विरासत और आस्था की पूरी रक्षा की जा रही है। सरकार ने अफवाहों से दूर रहने और सही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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