Wednesday, May 27, 2026

सीएम सम्राट चौधरी ने 31 मई तक शिक्षकों की छुट्टी पर लगाई रोक, जाने क्यों लिया फैसला

न्यूज डेस्क: बिहार में गर्मी छुट्टियों को लेकर पहले भी शिक्षा विभाग ने बड़े फैसले किए है. वहीं सीएम ने 27-31 मई तक शिक्षकों की छुट्टियों पर रोक लगा दी और साफ निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक अंतिम कार्य दिवस तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे. शिक्षा विभाग ने कहा कि हाल के दिनों में बड़ी संख्या में शिक्षक छुट्टी के लिए आवेदन दे रहे थे, जिस कारण से आशंका जताई जा रही थी कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. इसे देखते हुए ही सीएम ने यह फैसला लिया है.

ग्रीष्मावकाश में गृहकार्य का निर्देश 

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले छात्रों को हर विषय को लेकर गृहकार्य दिया जाए और इसकी जानकारी छात्रों की डायरी में दर्ज की जाए. वहीं सरकार का उद्देश्य है कि छुट्टियों के दौरान बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे. सीएम ने उच्च शिक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए और निर्देश दिया कि बिहार के कॉलेजों का देश के शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों से करार कराया जाए. सरकार का मानना है कि इससे बिहार के छात्रों को बेहतर शिक्षा का मौका मिलेगा और दूसरे राज्यों के छात्र बिहार में पढ़ाई के लिए आकर्षित होंगे.

सीएम ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आदेश दिया कि 1 जुलाई से उन 211 प्रखंडों में स्नातक की पढ़ाई शुरू कराई जाए, जहां डिग्री कॉलेज नहीं हैं. वहीं इन प्रखंडों में नए महाविद्यालय खोले जाएगे. इसके लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आदेश है. वहीं कॉलेज ऐसे स्थान पर बनाए जाएं, जहां छात्रों को आने-जाने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो.

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जमीन दानी के नाम पर महाविद्यालय

सरकार ने डिग्री कॉलेजों के नामकरण को लेकर नई व्यवस्था बनाई और कहा कि जिन लोगों द्वारा कॉलेज के लिए जमीन दान दी जाएगी, उनके नाम पर ही महाविद्यालय का नाम रखा जाएगा. कोई भी व्यक्ति भवन निर्माण में सहयोग करेगा, तो कॉलेज परिसर के किसी हिस्से में उसका नाम रखा जाएगा. वहीं बिहार में ओपन यूनिवर्सिटी की संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है. जिसके लिए अधिकारियों को देश के अलग-अलग राज्यों के ओपन यूनिवर्सिटी का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है. इससे ज्यादा से ज्यादा छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और विश्वविद्यालयों पर दबाव कम होगा.

विक्रमशिला विश्वविद्यालय स्थापित होगी

इसके साथ ही सरकार ने बिहार के शोध संस्थानों को मजबूत करने का फैसला लिया है. वहीं एएन सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान को व्यवस्थित करने और राज्य के सभी रिसर्च सेंटरों को सक्रिय बनाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि रिसर्च संस्थान मजबूत होंगे तो सरकार की योजनाओं और नीतियों का बेहतर अध्ययन और परीक्षण होगा. वहीं विक्रमशिला विश्वविद्यालय को दोबारा स्थापित किया जाएगा. जिसके लिए केंद्र सरकार जल्द भूमि हस्तांतरित की प्रक्रिया पूरी करेगी.

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