रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार 25 मई से 11 जून तक प्रोजेक्ट भवन में विभागवार उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे. इन बैठकों में सरकार की योजनाओं और विभागों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी. आज सोमवार को होने वाली बैठक जल संसाधन विभाग, वित्त विभाग और वाणिज्य-कर विभाग को लेकर होगी. बैठक में विभागीय पदाधिकारियों के साथ साथ विभाग के मंत्री भी मौजूद रहेंगे.
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागों के कार्यों का मूल्यांकन करना और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को दूर करना है. सोमवार के बाद वहीं मंगलवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा की जाएगी. समीक्षा बैठकें हर दिन दो सत्रों में आयोजित होंगी. हर सत्र में विभागों की विकास योजनाओं, बजट खर्च और आगामी लक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी.
बकरीद को लेकर डीजीपी की बैठक
इधर बकरीद के दौरान राज्य में कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए पुलिस मुख्यालय में आज सोमवार को दोपहर तीन बजे डीजीपी तदाशा मिश्रा एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगी। इस बैठक में जिले के एसएसपी, एसपी, रेंज के डीआईजी और जोनल आईजी शामिल होंगे. पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बैठक में 12 मुख्य एजेंडों चर्चा और समीक्षा होगी.
इसमें पिछले वर्ष बकरीद के दौरान हुई घटनाओं का जिलावार विवरण और उन पर की गई पुलिस की हुई कार्रवाई की समीक्षा होगी तो वहीं त्योहार के मद्देनजर उपद्रव फैलाने वाले या असामाजिक तत्वों के खिलाफ निवारक (प्रिवेंटिव) कार्रवाई करना भी सुनिश्चित किया जाएगा. इशके अलावा कानून-व्यवस्था बनाएं रखने के लिए दंडाधिकारियों और अतिरिक्त पुलिस बलों की उपलब्धता और उनकी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए निगरानी
इसके अलावा सभी संवेदनशील स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना तथा सीसीटीवी वीडियो ग्राफी और ड्रोन के जरिए निगरानी रखना, संयुक्त नियंत्रण कक्ष की स्थापना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार रखने के साथ साथ जिला और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करना भी प्रमुख होगा।
सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी
इसके अलावा जिलों में दंगा निरोधी सुरक्षा उपकरणों, दंगा निरोधी वाहनों और वॉटर कैनन की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन करना और एंटी-राइट कंट्रोल ड्रिल की व्यवस्था करना के साथ साथ लंबे समय से लंबित वारंट और कुर्की-जब्ती के मामलों का त्वरित निष्पादन करना, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी करना, प्रतिबंधित पशुओं की अवैध तस्करी और परिवहन पर सख्त निगरानी रखना, विशेष शाखा से प्राप्त खुफिया इनपुट्स के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति करना भी शामिल है.


