Monday, September 14, 2026

दावोस में सीएम हेमंत सोरेन ने वैश्विक कंपनियों से संवाद की शुरुआत की

रांची: दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक 2026 में झारखण्ड ने मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल उद्घाटन समारोह के बाद वैश्विक आर्थिक, औद्योगिक और नीतिगत चर्चाओं में सक्रिय रूप से शामिल हुआ। झारखण्ड सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करना, निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को स्थिरता एवं तकनीकी उन्नति से जोड़ना है।

औद्योगिक विकास और टिकाऊ विनिर्माण पर फोकस

मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के पहले दिन से ही झारखण्ड ने सुनियोजित और उद्देश्यपूर्ण बैठकों के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी विकास रणनीति प्रस्तुत की। प्रतिनिधिमंडल ने ग्लोबल इकोनॉमिक और नीतिगत संवाद में यह स्पष्ट किया कि झारखण्ड अब केवल क्षेत्रीय साझेदार नहीं, बल्कि सक्रिय वैश्विक सहभागिता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रमुख औद्योगिक समूह टाटा स्टील के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात की। इस बैठक में भारत के औद्योगीकरण और उन्नत एवं टिकाऊ विनिर्माण में झारखण्ड की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया गया। साथ ही राज्य में भविष्य के औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और हरित तकनीक के उपयोग पर चर्चा हुई।

इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और तकनीक पर बातचीत

हिताची इंडिया के साथ हुई बैठक में अवसंरचना विकास, ऊर्जा प्रणालियों के आधुनिकीकरण और तकनीक आधारित समाधानों पर गहन चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने झारखण्ड में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया। वहीं टेक महिंद्रा के साथ संवाद में आईटी हब, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, स्टार्टअप सहयोग और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े विषय प्रमुख रहे। इस दौरान झारखण्ड को डिजिटल और तकनीकी राज्य के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

वैश्विक निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

निवेश को सुगम बनाने और वैश्विक बाजार से झारखण्ड को जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने ब्लूमबर्ग APAC, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। इन बैठकों में जिम्मेदार निवेश, संस्थागत सहयोग और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के अवसरों पर विचार किया गया।

महिला विकास और समावेशी नेतृत्व पर जोर

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान महिला विकास से जुड़ी बैठकों में झारखण्ड सरकार ने समावेशी नेतृत्व और लैंगिक समानता को आर्थिक विकास और सुशासन का अहम हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना सतत और संतुलित विकास संभव नहीं है।

तकनीकी पवेलियनों का दौरा

बैठक के पहले दिन प्रतिनिधिमंडल ने टेक्नोलॉजी से जुड़े पवेलियनों का दौरा भी किया। इस दौरान उभरते नवाचारों, आधुनिक तकनीकों और भविष्य उन्मुख समाधानों की जानकारी ली गई, जिससे झारखण्ड के औद्योगिक विकास को स्थिरता और तकनीकी प्रगति से जोड़ने की दिशा में नए अवसर सामने आए।

विजन 2050 की ओर युवा झारखण्ड

25 वर्ष का युवा झारखण्ड अब विजन 2050 के साथ आगे बढ़ रहा है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से राज्य ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह टिकाऊ साझेदारी, जिम्मेदार निवेश और वैश्विक अर्थव्यवस्था से मजबूती से जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन प्रारंभिक वार्ताओं के जरिए आने वाले दिनों के लिए विकास की स्पष्ट दिशा तय हो गई है, जिससे झारखण्ड को भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक रूप से जुड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की उम्मीद है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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