रांची : जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा पीटी परीक्षा में हुए कथित धांधली के मामले में सीआईडी ने कोर्ट में दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की है. इस नए चार्जशीट में बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार समेत कुल 10 प्रमुख आरोपियों को नामजद किया गया है. इससे पहले पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते सहित 12 अन्य लोगों के खिलाफ सीआईडी पूर्व में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
दाखिल चार्जशीट में सीआईडी ने अब तक की जांच में मिले पुख्ता डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और वित्तीय लेनदेन को आधार बनाया है, जिसके जरिए परीक्षा में बड़े पैमाने पर संगठित अवैध वसूली के सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया है.
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सीआईडी ने नए चार्जशीट में जिन लोगों को आरोपियों बनाया है, उसमें कंप्यूटर ऑपरेटर बुद्धेश्वर भगत भी शामिल है, जिसे इस मामले के मास्टरमाइंड का करीबी माना जा रहा है। कंप्यूटर ऑपरेटर पर अभ्यर्थियों से सेटिंग कर परीक्षा में पास कराने की डील करने व मूल दस्तावेज व नकदी सिंडिकेट तक पहुंचाने का गंभीर आरोप है. इसके अलावा रमेश कुमार पर परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने, ओएमआर शीट में हेरफेर करने के साथ-साथ अभ्यर्थियों से भारी रकम की अवैध वसूली और वित्तीय लेनदेन में सीधे तौर पर संलिप्त पाने का आरोप है.
वहीं बिचौलिया उमेश कुमार पर साक्ष्य मिटाने, दस्तावेज वापस करने की साजिश रचने का आरोप है तो इसके साथ सफल अभ्यर्थी उमाकांत उरांव को अन्य उम्मीदवारों को इस सिंडिकेट से जोड़ने की एक अहम कड़ी के रूप में सीआईडी ने चिह्नित किया है। संदिग्ध मनोज कुमार पर परीक्षा परिणाम में धांधली कर चयनित होने के अलावा ओएमआर शीट या अंकों को अवैध तरीके से प्रभावित करवाने और साक्ष्य छुपाने के कृत्यों में शामिल होने का आरोप है.
इसी तरह अयोग्य उम्मीदवारों को मेरिट लिस्ट में ऊपर लाने के रूप में धर्मेंद्र कुमार को, सॉल्वर गैंग के सदस्य रक्षक सिंह को दिल्ली और झारखंड के बीच सक्रिय उस संगठित नेटवर्क का हिस्सा माना गया है, जो ओएमआर शीट टेंपरिंग और सॉल्वर गिरोह के जरिए परीक्षा तंत्र को प्रभावित करने में जुटा हुआ था.
रौशन केरकेट्टा पर अवैध तरीके से सफल होने, अरुण कुमार पर अभ्यर्थियों से संपर्क साधकर उन्हें पास कराने की गारंटी के एवज में मोटी रकम तय करने और इस गैर-कानूनी सिंडिकेट को आर्थिक समर्थन देने का गंभीर आरोप है. इसी तरह ब्रज कुमार राम पर गोपनीय दस्तावेजों तक अवैध पहुंच बनाने, उम्मीदवारों से सौदा तय करने और घोटाले से जुड़े काले धन के लेन-देन में सक्रिय भूमिका निभाने वाला यह आरोपी भी इस फेहरिस्त में शामिल है.सीआईडी का दावा है कि इस संगठित घोटाले से जुड़े अन्य बचे हुए चेहरों और कड़ियों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा.

