धनबाद : जिले के बारामुड़ी खटाल में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस का जवाब देने के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में खटालवासी धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जमीन से संबंधित पुराने दस्तावेज जुटाने और अपना पक्ष रखने के लिए प्रशासन से अतिरिक्त समय की मांग की। करीब 18 एकड़ जमीन की मापी और सर्वे के बाद प्रशासन ने 155 घरों और दुकानों को चिह्नित कर पिछले दिनों नोटिस जारी कर 2 नवंबर तक जवाब देने को कहा था।
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अंचल कार्यालय पहुंचे खटालवासियों का कहना था कि जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज जुटाने में समय लगेगा। इसलिए उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त मोहलत दी जाए। खटालवासियों ने एक बार फिर कहा कि करीब 20 वर्ष पहले तत्कालीन उपायुक्त के निर्देश पर उन्हें बेकारबांध से हटाकर बारामुड़ी में बसाया गया था। ऐसे में अब उन्हें वहां से हटाना उचित नहीं है।
वहीं, धनबाद के अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जमीन की मापी के बाद 155 लोगों को प्रथम नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। खटालवासियों की ओर से अतिरिक्त समय की मांग की गई है, जिस पर उन्हें मोहलत दी जा रही है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जमीन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वालों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन नियमानुसार बलपूर्वक सरकारी जमीन खाली कराने की कार्रवाई करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का अतिक्रमण विरोधी अभियान केवल बारामुड़ी खटाल तक सीमित नहीं रहेगा। पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी जमीन की मापी और अतिक्रमित भूमि का चिह्नीकरण किया जा रहा है। अभियान के अगले चरण में लोको टैंक, रानीबांध तालाब के आसपास और हाउसिंग कॉलोनी में भी सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

