देश : केंद्र सरकार ने मंगलवार को सरकारी भवनों और दफ्तरों के नामों में बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया है। इसके साथ ही देशभर में मौजूद राज्य भवनों का नाम अब ‘लोक भवन’ होगा, और केंद्रीय सचिवालय को ‘कर्तव्य भवन’ के नाम से जाना जाएगा।
सरकार ने इसे प्रशासनिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक परिवर्तन बताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि यह बदलाव सत्ता से सेवा की ओर बढ़ने की दिशा में एक कदम है और सार्वजनिक संस्थानों की सोच और कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। इससे पहले भी केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण स्थानों के नाम बदल चुकी है। जैसे राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किया गया था। प्रधानमंत्री आवास का पता पहले रेस कोर्स रोड था, जिसे 2016 में बदलकर लोक ‘कल्याण मार्ग’ कर दिया गया।
केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय की एक पुरानी चर्चा का भी जिक्र किया, जो पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन के दौरान हुई थी। मंत्रालय ने कहा कि ‘राज भवन’ शब्द औपनिवेशिक मानसिकता से जुड़ा हुआ माना जाता है, इसलिए राज्यपालों और उपराज्यपालों के आधिकारिक निवास और कार्यालय को अब ‘लोक भवन’ व ‘लोक निवास’ के नाम से जाना जाएगा।सरकार का मानना है कि इन नए नामों से सार्वजनिक संस्थानों में सेवा, लोकहित और कर्तव्य की भावना और मजबूत होगी।


