Thursday, November 5, 2026

सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं जमीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप गठित होने को लेकर ईडी कोर्ट में सुनवाई आज

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाई कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने इस मामले में निचली अदालत द्वारा डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने के आदेश को बरकरार रखते हुए हेमंत सोरेन की हस्तक्षेप याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी है। इसके साथ ही अब रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की कार्रवाई हो सकेगी।

पीएमएलए कोर्ट में इस संबंध में सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख पहले से निर्धारित है, जिसमें हेमंत सोरेन को उपस्थित होना पड़ेगा। सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड हाई कोर्ट में रांची की विशेष पीएमएलए अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी गई थी।

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हाई कोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी। 16 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया। मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। ईडी का आरोप है कि जमीन से जुड़े लेनदेन में फर्जी दस्तावेजों और अन्य प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया।

सीएम हेमंत सोरेन ने निचली अदालत में दाखिल डिस्चार्ज याचिका में आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं। बचाव पक्ष ने ईडी की ओर से पेश किए गए कुछ बयानों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर भी सवाल उठाए थे।

वहीं, ईडी ने अदालत में कहा था कि जांच के दौरान सामने आए दस्तावेज, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मामले में प्रथम दृष्टया आधार बनाते हैं। एजेंसी का कहना था कि इस स्तर पर साक्ष्यों की विस्तृत जांच नहीं की जा सकती और यह प्रक्रिया मुकदमे के दौरान होनी है। रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने 8 जून को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज करते हुए कहा था कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया मामला बनाए जाने के लिए पर्याप्त है।

एयर नाऊ स्पेशल

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