नई दिल्ली : उन्नाव रेप केस से जुड़ा बड़ा और अहम अपडेट है। इस मामले में सजायाफ्ता और बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली राहत के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय हो गई है। सीबीआई की ओर से दायर अपील पर 29 दिसंबर को सुनवाई होगी। CBI की इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय अवकाशकालीन पीठ सुनवाई करेगी। यह अपील दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया था और उन्हें जमानत दी गई थी।
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कुलदीप सिंह सेंगर को दिसंबर 2019 में 2017 के उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा के साथ 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। हालांकि इस केस में उन्हें जमानत मिली है, लेकिन वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। वजह यह है कि वह एक अन्य CBI मामले में 10 साल की सजा काट रहे हैं, जो हत्या से जुड़ा है।
पीड़िता ने CBI पर लगाए गंभीर आरोप
इस बीच मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब उन्नाव रेप पीड़िता और उनकी मां ने राजधानी दिल्ली में CBI अधिकारियों से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत सौंपी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मामले के जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ काम किया और एक जज से मिलकर आरोपियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से मिलने की मांग की थी, लेकिन छुट्टी होने की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, एक कनिष्ठ अधिकारी ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली और भरोसा दिया कि सोमवार को वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलेंगे।
CBI की SLP पहले ही दाखिल
गौरतलब है कि CBI ने शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल कर दी थी। इसमें दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर जमानत दी गई थी। अब 29 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली और पीड़ित के भरोसे से भी जुड़ा हुआ है।


