उत्तर प्रदेश : फिरोजाबाद में जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने “दिव्यय प्राइवेट लिमिटेड” नाम से एक फर्जी फर्म पंजीकृत कर लगभग 2.20 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की। फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाले तीन आरोपियों को उत्तर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है, साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेंट कमल कुमार की तलाश जारी है।
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सरकारी राजस्व को भारी नुकसान
इन्होंने फर्जी फर्म ‘दिव्य हाइब्रिड’ बनाकर कंपनी का टर्नओवर बढ़ाने और उसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने का प्रयास किया। इस फर्म के जरिए फर्जी बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाया गया। जांच में सामने आया है कि कंपनी केवल कागजों पर संचालित हो रही थी, जबकि वास्तविक रूप से कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं की जा रही थी। इसके बाद वर्ष 2023-24 में 8.32 करोड़ रुपये और 2024-25 में 7.58 लाख रुपये की फर्जी बिक्री दिखाकर आईटीसी का लाभ लिया गया। इस तरह सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
फर्जी कंपनी के बैंक खाते सीज किए
पुलिस ने इस मामले में पवन कुमार, रोहित और पवन रामस्वरूप को गिरफ्तार किया है, जिन्हें मुख्य आरोपी बताया गया। और साथ ही आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन मोबाइलों का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज तैयार करने, बैंकिंग लेनदेन और जीएसटी से जुड़े कार्यों में किया जा रहा था। पुलिस इन मोबाइलों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी करा रही है। कार्रवाई के तहत पुलिस ने फर्जी कंपनी के बैंक खाते सीज करा दिए हैं। वहीं जीएसटी विभाग ने भी इस फर्म का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी भूमिका की जांच की जा रही है।


