लखनऊ : उत्तर प्रदेश के नोएडा में युवराज मेहता की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने तेजी से कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सोमवार को नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया। साथ ही, पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया।
मंगलवार को एसआईटी की टीम नोएडा पहुंची और करीब चार घंटे तक घटनास्थल और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की। इस दौरान टीम ने नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से भी पूछताछ की। एसआईटी ने सभी संबंधित विभागों को सवालों की एक सूची सौंपी, और दो दिन के भीतर जवाब देने को कहा।
इस मामले में बिल्डर अभय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच की रफ्तार भी तेज कर दी गई है। एसआईटी ने सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल का दौरा किया, जहां चार दिन बाद युवराज मेहता की कार को बाहर निकाला गया। इसके बाद टीम ने युवराज के पिता राजकुमार मेहता से भी बातचीत की।
मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार की ओर से जो तेजी से कार्रवाई की गई है, उससे उन्हें काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि एसआईटी के गठन से उन्हें भरोसा हुआ है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजकुमार मेहता ने मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि समय पर इस मुद्दे को उठाने से प्रशासन और सरकार का ध्यान इस ओर गया। उन्होंने बताया कि सांसद भी उनसे मिलने आए और पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। उन्होंने सीएम योगी से मिलने की इच्छा जताई और कहा कि इससे उनके मन को शांति मिलेगी। उन्हें उम्मीद है कि सरकार उन्हें पूरा न्याय दिलाएगी।


