पटना: बिहार के पूर्व डीजीपी आलोक राज महज पांच दिनों में ही बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं किया है और निजी कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है. उन्होंने अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है. लेकिन उनके इस्तीफे के बाद अलग अगल अटकलें लगाई जा रही है। बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक सह प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत पूर्व डीजीपी आलोक राज को एक जनवरी से बिहार SSC का अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन उन्होंने छठे दिन ही अपना इस्तीफा दे दिया।
31 दिसंबर 2025 को नियुक्ति संबंधी जारी अधिसूचना में कहा गया था कि एक जनवरी से शुरू हो कर उनका कार्यकाल अगले पांच वर्ष या उनकी उम्र 65 वर्ष पूर्ण होने तक रहेगा लेकिन महज पांच दिनों में ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मुजफ्फरपुर के रहने वाले आलोक राज 1989 बैच के पूर्व IPS अधिकारी रहे हैं और 31 दिसंबर को ही डीजी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने बिहार और झारखंड सहित पश्चिम बंगाल में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। वे एक कड़क पुलिस अधिकारी के तौर पर जाने जाते हैं और चार कुख्यात अपराधियों के एनकाउंटर के लिए उन्हें वीरता पदक से सम्मानित भी किया जा चुका है।
1989 बैच के IPS अधिकारी आलोक राज बिहार पुलिस के वरिष्ठ और भरोसेमंद आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं. सेवानिवृत्ति से पहले वे बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को गति दी थी. प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के लिए उनकी पहचान रही है. बता दें, बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है. हाल के वर्षों में आयोग की परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह फैसला अहम माना जा रहा है.


