Friday, July 24, 2026

ट्रेजरी घोटाले को लेकर भाजपा का बड़ा दावा, एजी को राज्य सरकार नहीं उपलब्ध करा रही जरूरी कागजात

रांची : भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने हेमंत सरकार पर ट्रेजरी घोटाले को दबाने का बड़ा आरोप लगाया। प्रतुल ने कहा सबसे पहले तो सरकार ने घोटाला सामने आने के बाद लंबे समय तक आना-कानी की। फिर दबाव में एसआईटी को बनाया। इसके गठन और सदस्यों पर भी अनेक प्रश्न उठ चुके हैं। जिन ट्रेजरी अफसर और डीडीओ के समय घोटाला हुआ था,वह अभी भी यथावत पदों पर बने हुए हैं।

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एजी को नहीं दिया कागजात 

मंगलवार को झारखंड प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार ने दिखावे के लिए एजी को स्पेशल ऑडिट के लिए 17 अप्रैल, 2026 को अनुशंसा भेजी थी। अकाउंटेंट जनरल ने इसे स्वीकार कर तत्काल राज्य सरकार से ट्रेजरी घोटाले से संबंधित दस्तावेज मांगे थे, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने एजी के द्वारा मांगे गए घोटाले से संबंधित कागजात नहीं दिया है। जिसके कारण स्पेशल ऑडिट शुरू नहीं हो पाया है।

सरकार की मंशा पर सवाल

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह पूरा प्रकरण सरकार की मंशा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। ऐसा लगता है सरकार किसी भी तरीके से समय को व्यतीत कर रही है ताकि मामले को रफा दफा किया जा सके। यहां तक कि राज्य सरकार की ओर से गठित वित्त विभाग की एसआईटी और उत्पाद सचिव के नेतृत्व वाली एसआईटी ने भी अभी तक सिर्फ एक जिला बोकारो का दौरा किया है। 2 महीने बीतने के बाद भी समिति ने एक जिले की भी रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी.

पांच जिलों की होनी है जांच

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले चरण में पांच जिलों बोकारो, रांची, रामगढ़, देवघर व हजारीबाग में जांच के अनुशंसा की थी। बाकी जिलों में तो एसआईटी अभी तक गई ही नहीं है। प्रतुल ने कहा कि पूरी जांच कछुआ चाल से जांच चल रही है। इसे पूरा होने में अनेक वर्ष लग जाएंगे। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह एसआईटी जांच के लिए समय सीमा निर्धारित करे और जांच की गति को बढ़ाए। वरना पूरे मामले को पूरे तरीके से केंद्रीय एजेंसी को सौंप दे।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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