चाईबासा : चाईबासा में बीती रात एनएच 220 पर बड़े वाहनों की नो इंट्री को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे धरना प्रदर्शन ,मंत्री आवास घेराव में शामिल सैकड़ों आदिवासी मूलवासी लोगों पर पुलिस द्वारा हुई बर्बर कार्रवाई,आंसू गैस के गोले को भाजपा ने बर्बर ,जनविरोधी और हिंसक बताया है. भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने घटना की तीव्र निंदा करते हुए पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ 29 अक्टूबर को चाईबासा और सरायकेला खरसावां जिले में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. उन्होंने चाईबास की घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की.
आदित्य साहू ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन जनता का अधिकार है, लेकिन झारखंड की सरकार पिछले 6 वर्षों से अपने खिलाफ होने वाले हर लोकतांत्रिक आंदोलन को गोली, बंदूक लाठी डंडे से दबाने का काम कर रही है. चाईबासा बाईपास में पिछले दो वर्षों से एनएच 220 पर दिन रात भारी वाहन चलते हैं, जिसके कारण वाहन की चपेट में आने से एक वर्ष में लगभग 154 लोगों की जान जा चुकी है. पिछले 10 दिनों के भीतर ही 4 लोग वाहन की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता आए दिन हो रही मौत से परेशान और दुखी है. आक्रोशित होकर जनता जिसने बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के भाई बहन शामिल हैं, ने राज्य के परिवहन मंत्री और स्थानीय विधायक दीपक बिरुवा के आवास के घेराव का कार्यक्रम रखा. दिनभर लोग धरना पर बैठे रहे लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि जनता से बात करने, उनकी मांगों को सुनने नहीं आया. उल्टे रात होते ही पुलिस का बर्बर चेहरा उजागर हुआ. पुलिस ने पकड़कर धरना दे रहे लोगों को गिरफ्तार किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. भगदड़ में दर्जनों लोग घायल हुए. कई लोग डर से अपना इलाज भी नहीं करा रहे.
झारखंड प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि हेमंत सरकार की यह दमन की परंपरा बन गई है. किसी भी आंदोलन को इसी प्रकार कुचला जा रहा है. भाजपा राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता की आवाज है. पार्टी सदन से सड़क तक जन समस्याओं केलिए संघर्ष कर रही है. नो इंट्री की मांग कौन सी ऐसी बड़ी समस्या है जिसका समाधान राज्य सरकार गोली बंदूक से कर रही. यह संवेदनहीन सरकार है जिसे जनता की मौत से कोई फर्क नहीं पड़ता. हेमंत सरकार आदिवासी, दलित, महिला, किसान, युवा विरोधी सरकार है.


