बिहार विधानसभा चुनाव : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। लेकिन महागठबंधन के भीतर अब तक सबसे बड़ा पेंच मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद के दावेदारों को लेकर फंसा हुआ है। कांग्रेस, तेजस्वी यादव को औपचारिक तौर पर सीएम फेस घोषित करने से झिझक रही है, जबकि RJD डिप्टी सीएम पद के नाम पर चुप्पी साधे हुए है। महागठबंधन के सूत्रों की मानें तो जब तक सीएम और डिप्टी सीएम पद को लेकर अंतिम फैसला नहीं होता, तब तक सीट साझेदारी की घोषणा भी लटक सकती है। अब तेजस्वी यादव धर्मसंकट में है क्योंकि मुकेश सहनी ने साफ-साफ कह दिया है कि सीट बंटवारे के प्रेस कांफ्रेंस में ही डिप्टी सीएम बनाने का भी ऐलान हो.
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अब तेजस्वी यादव समझ रहें हैं कि अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस नाराज़ हो सकती है और साथ में मुस्लिम समाज का वो वोट बैंक भी नाराज़ हो जा सकता है, जो आरजेडी -कांग्रेस पर आंख बंद कर भरोसा करता है, साथ ही मुस्लिम समाज सोच रहा है कि हमारा वोट आरजेडी- कांग्रेस को जाए तो बदले में नेतृत्व भी मिले, उधर ओवैसी भी मुसलमान वोटरों को लगातार यह समझाने की कोशिश में हैं कि आरजेडी- कांग्रेस सिर्फ आपका वोट लेता है और बदले में देता कुछ भी नहीं, ऐसे में चुनाव से पहले तेजस्वी यादव सीएम और मुकेश सहनी के डिप्टी सीएम की उम्मीदवारी पर मुहर लगती है तो महागठबंधन के अंदर नाराज़गी का स्वर तेज हो सकता है.
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने इन विवादों के हल को लेकर एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कही गई है। ये उपमुख्यमंत्री दलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ा वर्ग से होंगे।
महागठबंधन में सीट के लिए महायुद्ध
सीट बंटवारे को लेकर भी महागठबंधन में सहयोगी दलों के बीच कई सीटों पर खींचतान होने की संभावना है। जैसे पटना जिले के कुर्था सीट को लेकर कांग्रेस और RJD आमने- सामने हैं। यहां कांग्रेस अपने एक नेता के बेटे को टिकट दिलाना चाहती है, तो वहीं RJD टेकारी सीट पर दावा ठोक रही है। घोसी सीट, जो पिछली बार भाकपा माले के खाते में थी, इस बार यह सीट RJD मांग रही है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो ज़्यादातर विवादित सीटों पर सहमति लगभग बन चुकी है। बता दे, 2020 में VIP को महागठबंधन से 13 सीटों की उम्मीद थी, लेकिन RJD उन्हें 3-4 सीटें ही देना चाहती थी। इसी नाराज़गी के चलते उन्होंने महागठबंधन से नाता तोड़ा और चुनाव से ठीक पहले एनडीए में शामिल हो गए थे.
मुकेश साहनी का सफर

मुकेश सहनी का राजनीति में सफर भले ही ज्यादा लंबा न हो, लेकिन उनका प्रभाव तेजी से बढ़ा है। वो मल्लाह समुदाय से आते हैं, जो बिहार की अति पिछड़ी जातियों में शामिल है और राज्य की लगभग 6% आबादी इस समुदाय की है. साल 2014 में उन्होंने नरेंद्र मोदी को समर्थन देते हुए अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी . 2015 में उनका नाम भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल था। हालांकि बाद में मुकेश सहनी ने एनडीए से दूरी बना ली थी और 2018 में उन्होंने अपनी पार्टी बनाई जो की वर्त्तमान में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के नाम से जानी जाती है. उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने “माछ पर चर्चा” नाम का कैंपेन चलाया, जो खासा लोकप्रिय हुआ। उनका नारा था – “माछ भात खाएंगे, महागठबंधन को जिताएंगे” हालांकि खगड़िया से चुनाव हार गए, लेकिन उनकी पहचान ‘सन ऑफ मल्लाह’ के रूप में स्थापित हो चुकी थी। फिर बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) एनडीए का हिस्सा थी। एनडीए ने मुकेश सहनी की पार्टी को कुल 11 सीटें दी थीं। इन 11 में से VIP ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। शेष 7 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार हार गए थे।
सीट भले ही कम लेकिन डिप्टी सीएम पर अड़े मुकेश
यानी 2025 के चुनाव में मुकेश सहनी कथित तौर पर महागठबंधन से कम से कम 30 सीटें मांग रहे हैं लेकिन उन्हें ज्यादा से ज़्यादा 20 से 25 सीटें मिल सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि एनडीए मुकेश सहनी को उन सीटों की पेशकश करके लुभाने की कोशिश कर रहा है, जिनके जीतने की संभावना ज्यादा है। अगर सहनी पाला बदलते हैं, तो यह पांच साल पहले की स्थिति होगी। सहनी 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों से पहले RJD के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा उन्हें दी जाने वाली सीटों की संख्या से नाखुश होकर एनडीए में शामिल हो गए थे। मतलब की ये 2020 में VIP को महागठबंधन से 13 सीटों की उम्मीद थी, लेकिन RJD उन्हें 3-4 सीटें ही देना चाहती थी।
यानी ये कह सकते है की जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नज़दीक आ रही हैं, बिहार की राजनीति और गरमा रही है। महागठबंधन जहां अंदरूनी मुद्दों से जूझ रहा है, वहीं एनडीए ने रणनीतिक बढ़त लेने की तैयारी शुरू कर दी है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर अभी भी तस्वीर साफ नहीं है और कांग्रेस की हिचकिचाहट रणनीतिक रूप से भारी पड़ सकती है। वही मुकेश सहनी की डिप्टी सीएम बनने की तमन्ना पूरी होती है या नहीं , ये देखना दिलचस्प होगा.


