एयरनाउ डेस्क: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले के बाद अब अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप अवैध वसूली नहीं कर पाएंगे। दरअसल अमेरिका की CABP एजेंसी ने इसका ऐलान किया है। कस्टम एजेंसी ने बताया कि वो IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली को मंगलवार रात 12 बजे तक बंद कर देगी। ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी बताया गया था। इन आदेशों से जुड़े कोई भी टैरिफ अब लागू नहीं होंगे।
लेकिन संदेश में ये क्लियर किया गया है की ये नियम ट्रंप के द्वारा लगाए गए बाकी टैरिफ पर नहीं होगा। इसमें सिर्फ वो टैरिफ शामिल होंगे जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। जो कि सेक्शन 232 और 301 के तहत शामिल हैं।
हालांकि इसके अलावा रॉयटर्स के रिपोर्ट के मुताबिकी अब इसके वजह से 175 डॉलर से ज्यादा राजस्व पर रिफंड का सवाल अब खड़ा हो गया है
क्योंकि IEEPA के तहत जितने भी टैरिफ लगाए गए थेउसे हर दिन 50 करोड़ डॉलर की कमाई हो रही थी , और अब जब ये रद्द किया जा रहा है तो कंपनियां रिफंड की मांग कर रही हैं।
वहीं कोर्ट ने साफ कह दिया है की ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए थे, वो अवैध हैं, उनके हाथ में उतना पावर नहीं है , उन्हें इतना ज़्यादा टैरिफ लगाने का हक नहीं है।
हालांकि टूथ सोशल पर ट्रम्प ने बयान जारी करते हुए लिखा कि कई देशों ने अमेरिका को व्यापार में सालों तक नुकसान पहुंचाया है। और ट्रम्प का ये बयान तब आया है जब मंगलवार से भारत के साथ साथ बाकी सभी देशों पर भी 15% टैरिफ शुरू हो जाएगा। दरअसल, कुछ देशों ने ट्रम्प के द्वारा लगाए गए 15% टैरिफ पर आपत्ति जताई है। क्योंकि ट्रम्प ने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ ट्रेड डील की और केवल 10% अमेरिकी बेस लाइन टैरिफ चुकाने पर सहमति जताई थी। लेकिन अब उन्हें 15% टैरिफ चुकाना पड़ेगा। तो ऐसे में उन देशों का कहना है कि ट्रेड डील में जब 10% टैरिफ पर बात हुई है तो वे ज्यादा टैरिफ नहीं चुकाएंगे। हालांकि इन देशों के विरोध को लेकर ट्रम्प प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया है।


