बिहार : भोजपुरी सिनेमा की दुनिया में “पावर स्टार” के नाम से मशहूर पवन सिंह सिर्फ गायक और अभिनेता ही नहीं, बल्कि अब राजनीति की दुनिया में भी एक बड़ा चेहरा बनते जा रहे हैं। अपनी दमदार आवाज़ और फिल्मों से लोगों के दिलों पर राज करने वाले पवन सिंह ने अब जनता के बीच एक नेता के रूप में पहचान बनाने की शुरुआत कर दी है। उनकी राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही है- कभी भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ने की तैयारी, फिर आसनसोल लोकसभा चुनाव लड़ने से इंकार और अब दोबारा राजनीति में वापसी की तैयारी।

पवन सिंह का सफर
पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को हुआ था। उन्होंने भोजपुरी फिल्मों और गानों के जरिए बहुत नाम कमाया। उनके गाने “लॉलीपॉप लागेलू” से लेकर “भोजपुरी राजा” तक लोगों की जुबान पर आज भी हैं। पवन सिंह ने फिल्म “स्त्री 2” के लिए एक जबरदस्त गाना गाया है। दिलचस्प बात ये है लोगों को ये गाना काफी पसंद आया और सोशल मीडिया पर धमाल मच गया। फैंस उनके देसी अंदाज़ और हॉरर वाइब्स को लेकर खूब तारीफें भी की थी। लेकिन उनकी जिंदगी में एक समय ऐसा आया जब उन्होंने फिल्मी दुनिया से आगे बढ़कर राजनीति की राह पकड़ी। उनका मानना था कि अगर वे स्क्रीन पर लोगों का मनोरंजन कर सकते हैं, तो असल जिंदगी में भी जनता के लिए कुछ कर सकते हैं।
पावर स्टार की नई पहचान – नेता पवन सिंह
राजनीति में पवन सिंह की एंट्री चर्चा का विषय रही। सबसे पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ाव दिखाया। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे भाजपा के करीब आए थे और पार्टी के कई नेताओं से मुलाकातें भी हुई थीं। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया। लेकिन यह फैसला विवादों में घिर गया। सोशल मीडिया पर उनके कुछ पुराने गानों को लेकर आपत्तियाँ उठीं और विरोध तेज़ हो गया। बढ़ते विवाद के कारण पवन सिंह ने चुनाव मैदान में उतरने से इनकार कर दिया।
इसके बाद उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। इस समय उन्होंने कहा था कि वे जनता की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं, न कि किसी पार्टी के आदेश पर चलने के लिए। हालांकि, कराकट से हुए इस चुनाव में उन्हें भारी काम्पिटिशन का सामना करना पड़ा और वे जीत नहीं पाए। लेकिन जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और चर्चा का स्तर काफी बढ़ गया।
फैन बेस बना सकता है बड़ा असर
2024 के इस अनुभव के बाद भी पवन सिंह ने राजनीति से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी राजनीति की यात्रा खत्म नहीं हुई है। इसी दौरान 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में उनका नाम फिर से चर्चा में आने लगा। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि पवन सिंह बिहार चुनाव में उतर सकते हैं और विधानसभा की किसी सीट से उम्मीदवार बनने वाले हैं। उन्होंने खुद भी इस बात की पुष्टि की कि वे बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किस पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ेंगे। इसी बीच खबरें आईं कि पवन सिंह को केंद्र सरकार की ओर से Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।
इस सुरक्षा को देखते हुए राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई कि भाजपा फिर से उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने की कोशिश कर रही है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा उन्हें या तो आरा या कराकट से उम्मीदवार बना सकती है। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें दोबारा अपने साथ लाना चाहती है। पवन सिंह का राजनीति में आना बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। भोजपुरी क्षेत्र में उनका नाम बहुत बड़ा है, और उनकी लोकप्रियता गांव से लेकर शहर तक फैली है। यही कारण है कि भाजपा और अन्य पार्टियाँ उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करती रहती हैं। पवन सिंह खुद को जनता का बेटा बताते हैं और कहते हैं कि वे राजनीति में पैसे या पद के लिए नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए आए हैं।
किस सिट से टिकट मिलेगी
उनकी राजनीतिक यात्रा में विवाद और समर्थन दोनों मिले। पवन सिंह ने अपने बयानों में कहा था, मैं जनता का कलाकार हूँ, जनता का सेवक बनना चाहता हूँ। यही बात उनके समर्थकों को खूब पसंद आई। अब जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है, तो पवन सिंह का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर पवन सिंह भाजपा के टिकट से या किसी बड़े गठबंधन के साथ मैदान में उतरते हैं, तो वे कुछ सीटों पर असर डाल सकते हैं, खासकर भोजपुर और सारण इलाके में, जहाँ उनका फैन बेस बहुत मजबूत है।राजनीति में पवन सिंह की यह यात्रा अभी शुरुआती दौर में है। लेकिन उनका रुतबा और लोकप्रियता बताती है कि आने वाले वर्षों में वे बिहार की राजनीति में एक अहम चेहरा बन सकते हैं। वे सिर्फ भोजपुरी गानों के राजा नहीं, बल्कि अब राजनीति के मंच पर भी अपनी पहचान मजबूत करने में जुटे हैं।
राजनीति में पावर स्टार का अगला कदम
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि 2025 के चुनाव में वे किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे या परिणाम क्या होंगे, लेकिन एक बात तय है – पवन सिंह अब राजनीति छोड़ने वाले नहीं हैं। जिस तरह उन्होंने फिल्मों में संघर्ष कर अपनी जगह बनाई, उसी तरह वे राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। उनकी यात्रा यह साबित करती है कि चाहे सिनेमा हो या सत्ता का रास्ता, अगर इरादा मजबूत हो तो हर मुश्किल आसान बन जाती है।
भोजपुरी स्टार क्या बन पाएंगे सच्चे नेता
पवन सिंह का यह नया राजनीतिक अध्याय बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। उनके आने से युवा वोटरों में उत्साह बढ़ा है और भोजपुरी संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। अब देखना यह है कि “लॉलीपॉप लागेलू” गाने वाले यह स्टार नेता के रूप में क्या जनता उन्हें अपना जनप्रतिनिधि बनाकर विधानसभा में भेजती है या फिर उन्हें राजनीति में अपनी पारी के लिए इंतजार करना होगा, जैसा लोकसभा चुनाव में हुआ।


