बिहार विधानसभा चुनाव : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान में अब सिर्फ 20 दिन बाकी हैं। ऐसे में एनडीए (NDA) की सभी पार्टियों ने चुनावी प्रचार तेज कर दिया है। BJP के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने भी शुक्रवार को अपने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं।
Highlights:
PM मोदी करेंगे चार दिन में 12 जनसभाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में चार दिन में 12 जनसभाएं करेंगे –
- 23 अक्टूबर: सासाराम, गया और भागलपुर में रैली
- 28 अक्टूबर: दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना में जनसभा
- 1 नवंबर: छपरा, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में कार्यक्रम
- 3 नवंबर: पश्चिम चंपारण, सहरसा और फारबिसगंज में जनसभा
एनडीए का पूरा चुनावी फोकस ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी वोटरों पर भी रहेगा।
सीएम चेहरे को लेकर NDA में बढ़ी चर्चा
हालांकि सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों के नाम तय होने के बाद भी एनडीए में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा, नीतीश कुमार पर न सिर्फ बीजेपी बल्कि बिहार की जनता को भी भरोसा है। NDA की जीत के बाद विधायक दल सीएम का नाम तय करेगा।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस बयान का समर्थन किया और कहा कि चुनाव के बाद मुख्यमंत्री चुनने की यही प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा, “हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं और हमारा गठबंधन ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर है।”
मांझी बोले – चुनाव से पहले CM फेस तय होना चाहिए
जीतन राम मांझी ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “व्यक्तिगत तौर पर मेरा मानना है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए थी। इसका नाम पहले ही तय होना चाहिए था।” उन्होंने कहा कि NDA में भले ही स्थिति स्पष्ट हो, लेकिन दुविधा से बचना जरूरी था।
हरिवंश बोले – नीतीश कुमार का कोई विकल्प नहीं
हरिवंश नारायण सिंह ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार का कोई विकल्प बिहार में नहीं है। उन्होंने कहा, “नीतीश जी ने 20 सालों में राज्य को पुलों, सड़कों और विकास के जरिए नई दिशा दी है। पहले एक पुल बनने में 30 साल लगते थे, लेकिन उनके कार्यकाल में 1100 से ज्यादा पुल बने।”
उन्होंने नीतीश कुमार के कामकाज की तुलना जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया के आदर्शों से की और कहा कि वे भ्रष्टाचार से दूर रहकर विकास की राजनीति करते रहे हैं।
NDA में एकता पर जोर, विपक्ष में दुविधा बरकरार
जहां एक ओर एनडीए प्रचार में तेजी ला रहा है, वहीं विपक्षी महागठबंधन अभी तक सीट बंटवारे और रणनीति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिख रहा। भाजपा, जदयू, लोजपा और हम ने मिलकर रणनीति बना ली है और स्टार प्रचारक मैदान में उतरने को तैयार हैं।


