पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बाहुबली विधायक अनंत सिंह चर्चा में रहे। मंगलवार को उन्होंने बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। विशेष अनुमति के तहत अनंत सिंह को बेऊर जेल से एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया था। शपथ ग्रहण के कुछ ही देर बाद वे फिर वापस जेल लौट गए। शपथ के दौरान अनंत सिंह का माइक बंद था। उन्होंने बिना लिखित पाठ पढ़े ही शपथ लेते हुए कहा कि वे भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखेंगे, देश की प्रभुता और अखंडता बनाए रखेंगे तथा बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे।
Highlights:
सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर
शपथ लेने के बाद अनंत सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात की। इसके बाद वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे और उनके पैर छुए। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनंत सिंह के तिलक के बारे में भी बातचीत की। इसके बाद अनंत सिंह अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। करीब 10 मिनट तक विधानसभा में रहने के बाद अनंत सिंह को फिर से बेऊर जेल के लिए रवाना कर दिया गया। विधानसभा से निकलते समय उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और उन्हें सौ प्रतिशत न्याय मिलेगा।
विपक्ष पर अनंत सिंह ने साधा निशाना
अनंत सिंह ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब विपक्ष बोलने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने तेजस्वी यादव को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब उन्हें किसी दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना होगा। हालांकि जब उनसे नीट छात्रा से जुड़े रेप और हत्या मामले पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से शपथ लेने में देरी हुई।
जब उनसे मोकामा की जनता से मिलने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब तक अदालत अनुमति नहीं देगी, तब तक वे जेल से बाहर नहीं आ सकते। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने जमानत के लिए आवेदन किया है। जानकारी के मुताबिक, अदालत ने अनंत सिंह को केवल शपथ ग्रहण के लिए ही विधानसभा आने की अनुमति दी थी। दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें फिलहाल जमानत नहीं मिली है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।


