Aisa cup 2025 : दुबई में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की और नौवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस जीत के बाद देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर खेल के मैदान पर भी जारी है और नतीजा वही है, भारत की जीत। प्रधानमंत्री ने भारतीय खिलाड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बाद जो कुछ हुआ, उसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी एसीसी के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया। नकवी इस समय पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैदान पर साथी खिलाड़ियों के सामने ऐसा जेस्चर किया मानो वे ट्रॉफी लेकर आ रहे हों और सभी खिलाड़ियों ने उसी को असली ट्रॉफी मानकर जश्न मनाया। यह कदम दरअसल भारत का पाकिस्तान के खिलाफ विरोध जताने का तरीका था।
मैदान पर भी जारी है ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा चरम पर है। इस हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। इसी के बाद भारत में यह मांग उठी थी कि भारतीय टीम पाकिस्तान से हाथ भी न मिलाए और ट्रॉफी भी किसी पाकिस्तानी अधिकारी से न ले। टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज किया और अब एशिया कप जीतने के बाद नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया।
फाइनल मैच खत्म होने के बाद आमतौर पर कुछ ही मिनटों में प्रेजेंटेशन सेरेमनी हो जाती है, लेकिन इस बार इसमें लंबी देरी हुई। पाकिस्तानी खिलाड़ी एक घंटे तक मैदान पर नहीं आए। बीसीसीआई ने साफ कर दिया था कि भारतीय टीम नकवी के अलावा किसी और से ट्रॉफी लेने को तैयार है। दुबई स्पोर्ट्स सिटी के खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने की बात भी चली, लेकिन नकवी मंच से हटने को तैयार नहीं हुए। बीसीसीआई अधिकारियों ने कहा कि अगर नकवी ने जबरदस्ती ट्रॉफी देने की कोशिश की होती तो भारत औपचारिक विरोध दर्ज करता।
भारतीय टीम ने पाकिस्तानी मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार
समारोह में जब भारतीय टीम का नाम पुकारा गया तो एसीसी ने घोषणा की कि भारत अपने पुरस्कार नहीं लेगा। प्रेजेंटर साइमन डूल ने यह भी साफ किया कि भारतीय टीम अवॉर्ड्स लेने से इनकार कर चुकी है और इसलिए प्रेजेंटेशन यहीं खत्म की जाती है। इसके बाद नकवी मंच से उतरे और एसीसी स्टाफ ट्रॉफी और मेडल अपने साथ ले गया. स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसक लगातार भारत माता की जय के नारे लगाते रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि यह पहली बार देखा कि चैंपियन टीम को ट्रॉफी नहीं दी गई। लेकिन मेरे लिए अपने सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ ड्रेसिंग रूम में रहना ही असली ट्रॉफी है।
बीसीसीआई का रुख
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी साफ किया कि भारतीय टीम का फैसला पक्का था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कोई भी अधिकारी अगर मंच पर है तो हमारी टीम उससे ट्रॉफी या मेडल नहीं लेगी। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि नकवी अब हमारी ट्रॉफी पाकिस्तान ले जाएंगे। नवंबर में होने वाली आईसीसी कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई इस पूरे मामले को उठाएगा। उम्मीद जताई गई कि जल्द ही टीम इंडिया को उसकी ट्रॉफी और मेडल सौंप दिए जाएंगे। वहीं पाकिस्तान की ओर से अलग ही बयान सामने आया। पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने कहा कि भारतीय टीम ने क्रिकेट का अनादर किया है। उनका दावा था कि हाथ न मिलाकर भारतीय खिलाड़ियों ने सिर्फ उनका नहीं बल्कि क्रिकेट का अपमान किया है। उन्होंने भारतीय टीम के व्यवहार को गलत बताया।
बीसीसीआई नवंबर की आईसीसी कॉन्फ्रेंस में उठाएगा मामला
याद दिला दें कि हाल ही में मोहसिन नकवी ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट डाली थी जिसमें विमान क्रैश होने का इशारा किया गया था। यह उसी तरह का इशारा था जैसा पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने भारत के खिलाफ सुपर 4 मैच में किया था, जिसके चलते उन पर जुर्माना भी लगा था।
कुल मिलाकर, भारतीय टीम ने एशिया कप 2025 जीतकर एक बार फिर अपनी ताकत साबित की, लेकिन इसके साथ ही यह भी संदेश दिया कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों का हर स्तर पर बहिष्कार होगा। टीम इंडिया की यह जीत सिर्फ मैदान की जीत नहीं बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश भी है।


