न्यूज डेस्क : देश के 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में हो रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी SIR प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी BLO की लगातार हो रही कथित आत्महत्याओं के बीच चुनाव आयोग का एक सोशल मीडिया वीडियो पर बवाल मच गया है। इस वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने तंज कसते हुए इसे शर्मनाक बताया है।
बीते रविवार, 30 नवंबर को चुनाव आयोग ने अपने ऑफिसियल एक्स हैंडल पर केरल में आयोजित “SIR जॉयाथन” का एक क्लिप साझा किया, जिसमें BLOs को संगीत पर डांस करते और जुम्बा सेशन में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया. विवादित वीडियो में चुनाव आयोग ने “एक छोटा ब्रेक, एक मजबूत टीम” का संदेश देते हुए बताया कि 50 मिनट काम और 10 मिनट मस्ती के फॉर्मेट के तहत कैम्प आयोजित किए गए
लेकिन यह वीडियो ऐसे समय सामने आया जब उत्तर प्रदेश, प. बंगाल और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में बीएलओ के काम के दबाव में जान देने की खबरें आ रही है. ताजा मामला सोमवार को यूपी के मुरादाबाद से आया, जहां एक BLO ने आत्महत्या कर ली. इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष सहित कई संगठनों ने ECI को “संवेदनहीन” और “वास्तविक समस्याओं से दूर” बताया.
कांग्रेस के राज्यसभा उपनेता प्रमोद तिवारी ने संसद में दावा किया कि SIR के दबाव में “20 से अधिक BLOs जान गंवा चुके हैं” और पूछा कि “आख़िर कितनी जिंदगियां इस प्रक्रिया की भेंट चढ़ेंगी?” वहीं कई सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब कर्मचारी आत्महत्या कर रहे हैं, उस समय ऐसा वीडियो पोस्ट करना “बेहद असंवेदनशील” है.
कई सरकारी स्कूलों में तैनात BLOs ने शिकायत की है कि 1,000 से अधिक मतदाताओं का वेरिफिकेशन, ऐप एंट्री, कागजी कार्यवाही और रोज़ाना मॉनिटरिंग के कारण वे चरम मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं. साथ ही, नियमित नौकरी और SIR की दोहरी जिम्मेदारी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं.


