वॉशिंगटन : अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कांग्रेस के बीच फंडिंग बिल को लेकर असहमति के चलते सरकारी शटडाउन लागू हो गया है। यह 2019 के बाद पहला बड़ा शटडाउन है। मंगलवार देर रात सीनेट में बिल पर वोटिंग हुई, जिसमें समर्थन में 55 और विरोध में 45 वोट पड़े। पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी।
रिपब्लिकन पार्टी को बिल पास कराने के लिए डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन चाहिए था, लेकिन उन्होंने बिल के खिलाफ मतदान किया। सीनेट में 100 सदस्य हैं: 53 रिपब्लिकन, 47 डेमोक्रेट और 2 निर्दलीय, दोनों ने बिल का समर्थन किया।
शटडाउन का असर:
सरकारी शटडाउन का मतलब है कि कई सरकारी विभागों और सेवाओं को फंडिंग नहीं मिलेगी। गैर-जरूरी सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा, जबकि जरूरी सेवाओं को सीमित बजट के तहत जारी रखा जाएगा। शटडाउन के चलते लगभग 9 लाख सरकारी कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजा जा सकता है।
हेल्थ केयर प्रोग्राम विवाद:
दोनों दलों के बीच ओबामा हेल्थ केयर सब्सिडी प्रोग्राम को लेकर विवाद है। डेमोक्रेट्स चाहते थे कि हेल्थ केयर सब्सिडी बढ़ाई जाए, जबकि रिपब्लिकन इसे बढ़ाने से सरकारी खर्च बढ़ने का डर जताते हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प और डेमोक्रेटिक नेताओं की व्हाइट हाउस में सोमवार को बैठक हुई थी, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
शटडाउन से ट्रम्प को फायदा या नुकसान?
शटडाउन के दौरान ट्रम्प प्रशासन जरूरी और गैर-जरूरी सेवाओं का निर्णय कर सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े प्रोग्राम्स को गैर-जरूरी कर दिया जा सकता है, जबकि डिफेंस और इमिग्रेशन को प्राथमिकता दी जा सकती है। ट्रम्प ने कहा है कि शटडाउन से कई सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
हालांकि, इस शटडाउन का असर बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियों पर पड़ेगा। 2025 में पहले ही संघीय नौकरियों में 3 लाख की कटौती की जा चुकी है, जो ट्रम्प की नीति का हिस्सा है। व्हाइट हाउस ने फेडरल एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे शटडाउन की जिम्मेदारी डेमोक्रेट्स पर डालें।


