नई दिल्ली : गुरूवार को राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी वंदे मातरम् बिल पास हो गया है। विपक्ष के भारी हंगामा के बीच महज 20 मिनट में ही लोकसभा में बिल पास हो गया। इससे पहले गुरूवार को सदन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण कई बार स्थगित हुई। इससे पहले वंदे मातरम् बिल बुधवार, 29 जुलाई को राज्यसभा से पारित हो चुका है। दोनों सदनों से पास होने के बाद अब ये बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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अपमान पर सजा का प्रावधान
वंदे मातरम् बिल के कानून बनने के बाद अब राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान जन-गण-मन जैसी कानूनी सुरक्षा मिलेगी। नए कानून के लागू होने से वंदे मातरम् का अपमान करना अपराध माना जाएगा। वंदे मातरम् गाए जाने के दौरान बाधा डालना या किसी को वंदे मातरम् गाने से रोकना भी अपराध होगा। वंदे मातरम् का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यही सजा राष्ट्रगान का अपमान करने पर भी होती है।
राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद ये बिल कानून बन जाएगा। इसके तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सम्मान करना कानूनी दायरे में आएगा। इससे पहले गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 24 जुलाई को राज्यसभा में यह बिल पेश किया था। सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय गीत की गरिमा की रक्षा के लिए इस कानून की आवश्यकता है। इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सभी छह छंदों को गान अनिवार्य
इस बिल में राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों को गाने की भी बात कही गई है। यह कदम गृह मंत्रालय के उस आदेश के बाद उठाया गया है जिसमें राज्यों को आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत बजाने या गाने का निर्देश दिया गया था, खासकर उन कार्यक्रमों में जहां राष्ट्रगान बजाया जाता है। आदेश में कहा गया है, ‘जब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान गाए या बजाए जाएं तो पहले राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जाएगा और इसे अटेंशन (सावधान) की मुद्रा में खड़े होकर गाया जाना चाहिए।’


