न्यूज डेस्क : इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत होने और दर्जनों लोगों के बीमार पड़ने का मामला आने के बाद अब ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर में भी सामने आय़ा है। बिजनौर में छोईया नदी के दोनों किनारों पर बसे छह से अधिक गांंवों का भूगर्भ जलस्तर दूषित होने से नल गहरा पीला पानी उगल रहे हैं। इस पानी के सेवन के बाद ग्राम हादरपुर के 10 व्यक्तियों की कैंसर से मौत हो चुकी है, जबकि कैंसर से पीड़ित एक व्यक्ति का हायर सेंटर पर इलाज चल रहा है।
इसके अलावा इन गांव मेंं पीलिया के बीमार लोग भी मिल रहे हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र में अक्सर पाइप लाइन टूटने की वजह से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। बिजनौर-नगीना रोड से निकले छोइयां नदी में पिछले कई साल से दूषित पानी बह रहा है। इस कारण ग्राम हादरपुर, आसपुर नवादा,मौजीपुरा, मोमिनपुर दरगा,गौसपुर, जलालपुर छोइयां, अगरी, अगरा, पथरा-पथरी समेत कई अन्य गांवों का भूगर्भ जलस्तर दूषित हो गया।
इन गांवाें के नलों से डार्क पीला पानी आ रहा है। नलकूप स्टार्ट हाेने के करीब पन्द्रह मिनट तक डार्क पानी निकलता है। अकेले ग्राम हादरपुर में दूषित पानी पीने से कैंसर से पीड़ित साेपाल सिंह, कुमरपाल सिंह, दयाराम सिंह, धरम सिंह, नौबहार सिंह, विरेशपाल, उर्मिला देवी, सोनी और वर्तमान ग्राम प्रधान अनुपम देवी की मृत्यु हाे चुकी है। इन गांवाें के ग्रामीण कई बार इस समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा मालन नदी मेंं नजीबाबाद शहर और चीनी मिल की आसवानी का पानी गिराया जा रहा है।


