न्यूज डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा रहा है. रविवार को श्रम विभाग की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसके साथ ही अलग-अलग शिफ्ट में दफ्तर खोलने का फैसला भी लिया गया है. हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का फैसला प्रदेश के बड़े संस्थानों में लागू होगा. यह फैसला औद्योगिक इकाइयों में भी लागू होगा.
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श्रम विभाग की गाइडलाइन जारी
श्रम विभाग की इस बैठक में गाइडलाइन जारी की गई है. इसके तहत, अलग-अलग शिफ्ट में ऑफिस खोलने पर जोर दिया गया है. साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है. 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की थी.
यूपी सीएम ने भी की बैठक
प्रधानमंत्री की अपील के बाद 13 मई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी. इस बैठक में 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर जोर दिया गया था. ऐसा इसलिए किया गया था, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो, ट्रैफिक जाम घटे और पेट्रोल-डीजल की भी बचत हो.
दिल्ली में लागू हुआ वर्क फ्रॉम होम
यूपी में वर्क फ्रॉम होम लागू होने की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित प्राइवेट कंपनियों और संगठनों को सलाह दी थी कि वे दो दिन ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (WFH) की पॉलिसी अपनाएं। इसके तहत ऑफिस के समय में बदलाव करें और कर्मचारियों से कार पूलिंग एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील करें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस सप्ताह की शुरुआत में 90 दिन का ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ ईंधन-बचत अभियान शुरू किया था। इसमें दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए दो दिन ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है।




